
New Delhi. केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून चार जून के आसपास दस्तक दे सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मंगलवार को यह पूर्वानुमान जताया। केरल में मानसून आम तौर पर एक जून के आसपास पहुंच जाता है, जिसे दक्षिण-पश्चिम मानसून के मौसम (जून-सितंबर) की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। आईएमडी ने अपने दैनिक पूर्वानुमान में कहा, ‘दक्षिण-पश्चिम एवं दक्षिण-पूर्व अरब सागर के कुछ और हिस्सों, लक्षद्वीप तथा केरल और तमिलनाडु के कुछ भागों में चार जून के आसपास दक्षिण-पश्चिम मानसून के और आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं।’ पूर्वानुमान के मुताबिक, मानसून दक्षिण-पश्चिम, पश्चिम-मध्य, पूर्व-मध्य और उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों तथा दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के बाकी भागों में भी इसी तारीख के आसपास आगे बढ़ेगा। आईएमडी ने पहले अनुमान जताया था कि केरल में मानसून की दस्तक 26 मई के आसपास होगी। हालांकि, ऐसा नहीं हुआ। बाद में विभाग ने 29 मई को कहा कि मानसून अगले हफ्ते पहुंच सकता है।
पिछले हफ्ते विभाग ने अपने संशोधित पूर्वानुमान में कहा कि इस बार मानसूनी बारिश सामान्य से कम रहेगी। आईएमडी ने कहा कि भारत में इस साल दीर्घकालिक औसत (एलपीए) की 90 फीसदी बारिश होने की संभावना है। मौजूदा समय में भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में तटस्थ अल नीनो-दक्षिणी दोलन की स्थितियां अल नीनो की स्थितियों में तब्दील हो रही हैं। तटस्थ अल नीनो-दक्षिणी दोलन उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर में एक मध्यवर्ती जलवायु अवस्था है, जिसमें समुद्र की सतह का तापमान और वायुमंडलीय दबाव न तो अल नीनो (गर्म) स्थिति में होते हैं और न ही ला नीना (ठंडी) स्थिति में। आईएमडी ने कहा कि जून में अल-नीनो की स्थिति कमजोर रहने की संभावना है, जबकि सितंबर में यह मौसम प्रणाली मध्यम से मजबूत स्थिति में हो सकती है।
