रामगढ़ (झारखंड)। उत्तर प्रदेश के नगीना लोकसभा क्षेत्र से सांसद श्री चंद्रशेखर आजाद आज झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद स्वर्गीय दिशोम गुरु शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित करने उनके पैतृक गांव नेमरा पहुंचे। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के पैतृक आवास पहुंचकर उन्होंने गुरुजी की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने कहा कि गुरुजी का जाना पूरे देश के लिए अपूरणीय क्षति है।
सांसद चंद्रशेखर आजाद ने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को इस विकट दुःख को सहन करने की शक्ति दें। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन और उनके परिजनों से मिलकर व्यक्तिगत रूप से अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और कहा कि गुरुजी का संघर्ष, आदर्श और जनता के लिए समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
उन्होंने कहा कि अलग झारखंड राज्य के निर्माण में गुरुजी का योगदान सदैव याद किया जाएगा। उन्होंने आदिवासी, गरीब, दलित और वंचित समुदाय के अधिकारों के लिए आजीवन संघर्ष किया। गुरुजी ने सामाजिक न्याय, समानता और जनहित के लिए जो राह दिखाई, वह झारखंड ही नहीं बल्कि पूरे देश के लोगों के लिए मार्गदर्शक है।
सांसद आजाद ने कहा कि राजनीति में रहते हुए भी गुरुजी का जीवन सादगी, ईमानदारी और जनता की सेवा के लिए समर्पित रहा। उन्होंने बिना किसी भेदभाव के सभी वर्गों और समुदायों की आवाज़ को उठाया और उनके अधिकारों के लिए संघर्ष किया। यही कारण है कि गुरुजी को “जननायक” के रूप में पूरे देश में जाना और सम्मानित किया जाता है।
श्रद्धांजलि देने के बाद सांसद चंद्रशेखर आजाद ने मीडिया से बातचीत में कहा कि ऐसे नेता का जाना सिर्फ झारखंड के लिए नहीं बल्कि पूरे भारत के लिए क्षति है। गुरुजी जैसे नेतृत्वकर्ता का स्थान कोई नहीं ले सकता। उनका विचार और संघर्ष की विरासत सदैव जीवित रहेगी।
गौरतलब है कि स्वर्गीय दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन के बाद से ही नेमरा स्थित उनके पैतृक आवास पर श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा हुआ है। राज्य के विभिन्न हिस्सों से लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंच रहे हैं, जिनमें मंत्रीगण, सांसद, विधायक, पूर्व मंत्री और अनेक गणमान्य नागरिक शामिल हैं।