Merath. मेरठ में सौरभ राजपूत की हत्या और ‘नीला ड्रम’ कांड के तौर पर चर्चित हुए मामले की दोषी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को मौत की सजा भले ही बुधवार को सुनाई गई, लेकिन दोनों फैसला सुनाये जाने से दो दिन पहले से ही खासे बेचैन थे। वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया कि सजा सुनाए जाने से पहले मुस्कान और साहिल परेशान तथा बेचैन नजर आ रहे थे और दोनों ने मंगलवार की रात और बुधवार सुबह बहुत कम खाना खाया और पिछले कुछ दिनों से वे ठीक से सो भी नहीं पा रहे थे।

शर्मा ने बताया कि मुस्कान पिछले तीन-चार दिनों से अपनी बड़ी बेटी से मिलने की गुजारिश कर रही है। उन्होंने बताया कि करीब सात साल की बच्ची को अभी मुस्कान से मिलवाने के लिए जेल नहीं लाया गया है। उन्होंने बताया कि जेल के नियमों के तहत छह साल की उम्र तक ही संतान अपनी मां के साथ रह सकती है।

शर्मा ने यह भी बताया कि मुस्कान अपने साथ जेल में ही रह रही अपनी 10 महीने की बेटी के भविष्य को लेकर चिंतित है और वह इस बारे में सवाल भी करती रही है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने बताया कि साहिल जेल में खेतीबाड़ी का काम करता था लेकिन उसने पिछले कुछ दिनों से यह कहते हुए वह काम छोड़ दिया था कि सजा सुनाए जाने के बाद वह फिर काम करेगा।
सौरभ राजपूत की हत्या तीन मार्च 2025 की रात को कर दी गई थी। पुलिस के अनुसार, मुस्कान ने अपने पति सौरभ को कथित तौर पर मादक पदार्थ देकर बेहोश किया और फिर साहिल की मदद से चाकू से वार कर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद शव के टुकड़े कर उन्हें एक नीले ड्रम में डालकर सीमेंट से सील कर दिया गया। करीब 126 तारीखों तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने 30 सितंबर को दोनों को दोषी ठहराया था।

