


Patna. बिहार के लखीसराय जिले में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) पुनर्परीक्षा के दौरान रविवार को अन्य अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा देने के आरोप में 24 लोगों को हिरासत में लिया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। ‘नीट-यूजी’ में सेंधमारी करने वाले एक बड़े सॉल्वर गैंग का लखीसराय पुलिस ने पर्दाफाश किया है। असली परीक्षार्थी की जगह बैठने के लिए सॉल्वरों ने 30 से 40 लाख रुपये में डील तय की थी। पुलिस ने इस मामले में गैंग के सरगना और पीएमसीएच, गयाजी मेडिकल कॉलेज, एम्स रायबरेली और बीएचयू के मेडिकल छात्रों समेत कुल 24 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में परीक्षा के दौरान छात्रों का फिंगरप्रिंट लेने वाली बायोमेट्रिक कंपनी के 14 कर्मचारी भी शामिल हैं।
पुलिस को इनपुट मिला था कि दूसरे की जगह डमी कैंडिडेट परीक्षा दे रहे हैं। जिसके बाद पुलिस ने राजकीय उच्च विद्यालय हसनपुर, केआरके हायर सेकेंडरी और केंद्रीय विद्यालय में छापेमारी कर इन सभी आरोपियों को सिलसिलेवार तरीके से दबोचा। लखीसराय की एसपी प्रेरणा के अनुसार आरोपियों के पास से मोबाइल व अन्य अहम दस्तावेज बरामद हुए हैं।
पुलिस अधीक्षक (एसपी) प्रेरणा कुमार ने बताया कि हिरासत में लिए गए लोगों पर पंजीकृत अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा में शामिल होने का संदेह है। एसपी ने बताया कि पुलिस इस कथित गिरोह से जुड़े 10 से 12 अन्य लोगों से भी पूछताछ कर रही है, जिनमें बायोमेट्रिक ऑपरेटर और बिचौलिए भी शामिल हैं।



