


New delhi. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को लोकसभा में नया इनकम टैक्स बिल- 2025 पेश किया. वहां पारित होने के बाद आज मंगलवार (12 अगस्त 2025) राज्य सभा पेश किया गया. जहां ध्वनिमत से इसे पास कर दिया गया है. अब इस बिल को राष्ट्रपति के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. इसके बाद यह बिल 60 साल पुराने 1961 आयकर अधिनियम की जगह लेगा. पिछले सोमवार को निचले सदन में विपक्ष के भारी विरोध के बीच सिर्फ 3 मिनट में इसे पारित कर दिया गया.
कहा जा रहा है कि यह नया इनकम टैक्स बिल 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा. इसे तैयार करने में काफी समय लगा है. इसके साथ ही डिजिटल युग की जरूरतों के अनुसार इसे ढाला गया है. वहीं Previous year और Assessment Year जैसे ऑप्शन को खत्म कर टैक्स ईयर कॉन्सेप्ट शुरू किया जाएगा.
अग्रिम कर पर ब्याज प्रावधान के लिए सुधार अधिसूचना जारी
वित्त मंत्रालय ने नए आयकर विधेयक में अग्रिम कर की कम अदायगी पर ब्याज वसूली संबंधी प्रावधान को लेकर मंगलवार को एक सुधार अधिसूचना जारी की. इस अधिसूचना में निर्धारित तारीख तक अग्रिम कर की कम अदायगी करने पर तीन प्रतिशत ब्याज की वसूली का प्रावधान किया गया है. इसके साथ ही इस प्रावधान को आयकर अधिनियम, 1961 के मौजूदा प्रावधानों के अनुरूप बना दिया गया है. मौजूदा नियमों के तहत जिन करदाताओं पर 10,000 रुपये या उससे अधिक का कर देय होता है, उन्हें अग्रिम कर चार किस्तों में चुकाना होता है. इन किस्तों के लिए 15 जून, 15 सितंबर, 15 दिसंबर और 15 मार्च की तारीखें नियत होती हैं.
सोमवार को लोकसभा में पारित आयकर (संख्या 2) विधेयक, 2025 में प्रावधान था कि अगर तिमाही की नियत तिथि के अगले दिन ही अग्रिम कर राशि में कमी पूरी कर दी जाए तो एक माह का एक प्रतिशत ब्याज ही लगेगा. सलाहकार कंपनी नांगिया एंडरसन एलएलपी में साझेदार संदीप झुनझुनवाला ने कहा कि यह प्रावधान मौजूदा कर कानून के अनुरूप नहीं था और अब सुधार अधिसूचना के जरिये स्पष्टता लाकर मौजूदा प्रावधान के अनुरूप संशोधित कर दिया गया है. उन्होंने कहा यदि अग्रिम कर की राशि में कमी नियत तिथि से एक दिन भी आगे पूरी की जाती है तो कम से कम तीन महीने का ब्याज देना होगा.



