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CGST ने Tata Steel से 890.52 करोड़ रुपये वसूलने का दिया आदेश, ITC का लगत लाभ लेने का है आरोप

Jamshedpur. सीजीएसटी के संयुक्त आयुक्त ने टाटा स्टील से 890.52 करोड़ रुपये वसूलने का आदेश दिया है. एडजुडिकेशन के बाद पारित किये गये आदेश में टाटा स्टील द्वारा आईटीसी का लगत लाभ लेने के आरोपों को सही करार देते हुए सीजीएसटी की धारा 74 के तहत 890.52 करोड़ रूपये की वसूली ओर धारा 50 के प्रावधानों के तहत इस राशि पर सूद की वसूली का आदेश दिया गया है. उल्लेखनीय है कि भारत के नियंत्रक महालेखा परीक्षक (कैग) ने ऑडिट के दौरान टाटा स्टील द्वारा इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का गलत लाभ लेने का मामला पकड़ा था. कैग की रिपोर्ट के आधार पर सक्षम पदाधिकारी के स्तर से टाटा स्टील से 890.52 करोड़ रुपये की वसूली के लिए डिमांट नोटिस जारी किया गया था. टाटा स्टील भुगतान करने के बदले एडजुडिकेशन में गयी थी.

जमशेदपुर स्थित संयुक्त आयुक्त के स्तर पर हुए एडजुडिकेशन के दौरान टाटा स्टील की ओर से अपना पक्ष पेश किया गया था. एडजुडिकेशन के दौरान संयुक्त आयुक्त ने टाटा स्टील की ओर से पेश किये गये दस्तावेज और दलीलों को अस्वीकार करते हुए कैग द्वारा उठाये गये बिंदुओं को सही करार दिया. इसके बाद टाटा स्टील से 890.52 करोड़ रुपये और उस पर सूद वसूलने का आदेश दिया. टाटा स्टील के पास संयुक्त आयुक्त के खिलाफ अपील दायर करने का अधिकार है.

कैग ने तीन वित्तीय वर्षों (2018-2021) के ऑडिट में पाया कि टाटा ने गलत तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लिया था. ऑडिट के दौरान इन तीन वित्तीय वर्षों के जीएसटीआर-3बी और जीएसटीआर-2आ के आंकड़ों का मिलान किया गया.

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