



New Delhi.सरकार प्रश्नपत्र लीक और परीक्षाओं में अनुचित साधनों के इस्तेमाल से जुड़े अपराधों के खिलाफ सख्त प्रावधान वाले एक विधेयक को सोमवार को लोकसभा में पेश करने की तैयारी में है।
लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 में संशोधन से संबंधित विधेयक को सोमवार की सदन की कार्यवाही के लिए सूचीबद्ध किया गया है। सदस्यों को वितरित विधेयक की प्रति के अनुसार, परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक करने या अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वाले व्यक्तियों को कम से कम पांच साल और अधिकतम 10 साल तक के कारावास तथा 50 लाख रुपये तक के जुर्माने की सजा हो सकती है।
विधेयक में संगठित अपराधों के लिए कम से कम सात साल के कारावास और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रस्ताव है।
प्रस्तावित संशोधनों के तहत सभी जांच दो महीने के भीतर पूरी करनी होंगी। विधेयक में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को त्वरित अदालतें स्थापित करने का निर्देश देने का भी प्रस्ताव है। ये अदालतें आरोपपत्र दाखिल किए जाने के तीन महीने के भीतर मुकदमे की कार्यवाही पूरी करेंगी।
नीट पेपर लीक के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा जंतर मंतर पर आयोजित विरोध प्रदर्शन और फिर शिक्षा मंत्री के पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सरकार यह विधेयक पेश करने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए एक उच्च अधिकार प्राप्त समिति बनाने की घोषणा भी की है।
लोकसभा में हंगामा
छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह से जवाब की मांग करते हुए सोमवार को लोकसभा में कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के सदस्यों ने हंगामा किया जिसके कारण सदन की कार्यवाही शुरू होने के कुछ मिनट बाद ही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई और आज भी प्रश्नकाल नहीं चल सका।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आसन के समीप हंगामा कर रहे कुछ विपक्षी सदस्यों को कार्रवाई की चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई करनी होगी जो सदन की मर्यादाओं और परंपराओं को समाप्त करने का प्रयास कर रहे हैं।


