
Ranchi. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन को बृहस्पतिवार को समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने श्रद्धांजलि दी। उनका एक दिन पहले यहां एक अस्पताल में निधन हो गया था।
अधिकारियों ने बताया कि उनके पैतृक स्थान रामगढ़ में अंतिम संस्कार की तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि लोगों के अंतिम दर्शन के लिए रूपी सोरेन का पार्थिव शरीर रांची के मोराबादी स्थित उनके (रूपी सोरेन के) आवास पर रखा गया है। सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने एक बयान में कहा, रूपी सोरेन का पार्थिव शरीर बृहस्पतिवार सुबह रामगढ़ जिले के उनके पैतृक गांव नेमरा ले जाया जाएगा और दोपहर बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा।’’

रूपी सोरेन का बुधवार शाम रांची के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। उनकी उम्र करीब 80 वर्ष थी। झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन की पत्नी रूपी सोरेन की हालत गंभीर थी और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। उन्होंने 1999 में अविभाजित बिहार में दुमका लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन वह भाजपा के वरिष्ठ नेता बाबूलाल मरांडी से पांच हजार से कम मतों के अंतर से हार गई थीं।

इसके बाद उन्होंने कोई चुनाव नहीं लड़ा और अपने पति की देखभाल में जीवन समर्पित कर दिया। पिछले साल अगस्त में शिबू सोरेन का निधन हो गया था। इस साल की शुरुआत में उन्होंने अपने पति की ओर से पद्म भूषण पुरस्कार प्राप्त किया था। शिबू सोरेन को यह सम्मान मरणोपरांत दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में दिया गया था। उन्होंने अपने बेटे हेमंत सोरेन के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण समारोह में भी हिस्सा लिया था।

