New Delhi. सरकार अप्रैल, 2029 से नई कारों और एसयूवी के लिए नया उत्सर्जन मानक बीएस-7 लागू करने की योजना बना रही है। इसके बाद अप्रैल, 2030 से छोटे मालवाहक एवं पिकअप वैन तथा अप्रैल, 2031 से भारी वाहनों के लिए भी ये मानक लागू किए जाएंगे।
एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने नए उत्सर्जन मानकों को चरणबद्ध ढंग से लागू करने के संबंध में प्रस्तावित दिशानिर्देशों को मंजूरी दे दी है।

नए उत्सर्जन मानक ‘भारत चरण-7’ यानी बीएस-7 पूरी तरह यूरो-7 मानकों के अनुरूप होंगे। इसके बारे में मसौदा संबंधी अधिसूचना इस सप्ताह जारी होने की उम्मीद है। बीएस उत्सर्जन मानक वाहनों से निकलने वाले कार्बन मोनोऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड, हाइड्रोकार्बन और नुकसानदेह कणों जैसे प्रदूषकों की मात्रा की सीमा तय करते हैं। इनका उद्देश्य अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को धीरे-धीरे हटाना है।

भारत में अप्रैल, 2020 से बीएस-6 मानक लागू हैं। प्रदूषण नियंत्रण में तेजी लाने के लिए भारत ने बीएस-4 के बाद सीधे बीएस-6 मानक अपनाए थे। बीएस-6 वाहन के लिए कम सल्फर वाले ईंधन का इस्तेमाल जरूरी है।

