


Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट में मंगलवार को JSSC-CGL परीक्षा के कथित पेपर लीक मामले पर लंबी बहस हुई. याचिकाकर्ताओं ने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी. मुख्य न्यायाधीश और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ में सुनवाई करीब डेढ़ घंटे तक चली.
राज्य सरकार और JSSC की ओर से कहा गया कि परीक्षा 22 तारीख को हुई थी, जबकि याचिकाकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत फोटो और अन्य साक्ष्य 23 तारीख के हैं. ऐसे में यह साबित नहीं होता कि प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले लीक हुआ था. इसके अलावा, सरकार ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ताओं के पास पेपर लीक को लेकर ठोस प्रमाण नहीं हैं.
याचिकाकर्ता पक्ष से वरिष्ठ अधिवक्ता अजीत कुमार ने सोशल मीडिया पर वायरल प्रश्नपत्रों का हवाला देते हुए पेपर लीक की आशंका जताई और सीबीआई जांच की मांग दोहराई.
कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अगली सुनवाई बुधवार को जारी करने का आदेश दिया. साथ ही, सुनवाई पूरी होने तक JSSC-CGL परीक्षा परिणाम जारी करने पर लगी रोक को कायम रखने का निर्देश दिया गया.
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजीव रंजन और अधिवक्ता पीयूष चित्रेश ने पक्ष रखा, JSSC की ओर से अधिवक्ता संजॉय पिपरवाल मौजूद रहे, जबकि याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अजीत कुमार ने दलीलें पेश कीं.



