


New Delhi.कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने महाराष्ट्र में किसानों की आत्महत्या को लेकर गुरुवार को केंद्र एवं राज्य सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि सरकार के स्तर पर चुप्पी तथा बेरुखी देखी जा रही है. उन्होंने यह दावा भी किया कि यह सिस्टम किसानों को मार रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने पीआर का तमाशा देख रहे हैं. राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, सोचिए.. सिर्फ तीन महीनों में महाराष्ट्र में 767 किसानों ने आत्महत्या कर ली. क्या यह सिर्फ एक आंकड़ा है? नहीं. ये 767 उजड़े हुए घर हैं। 767 परिवार, जो कभी नहीं संभल पाएंगे. और सरकार? वह चुप है. बेरुख़ी से देख रही है.
उन्होंने दावा किया, किसान हर दिन कर्ज़ में और गहराई तक डूब रहा है – बीज महंगे हैं, खाद महंगी है, डीज़ल महंगा है.. लेकिन एमएसपी की कोई गारंटी नहीं. जब वे कर्ज़ माफ़ी की मांग करते हैं, तो उन्हें नजरअंदाज़ कर दिया जाता है.कांग्रेस नेता ने कहा, लेकिन जिनके पास करोड़ों रुपये हैं? उनके कर्ज मोदी सरकार आराम से माफ कर देती है.आज की ही खबर देख लीजिए – अनिल अंबानी का 48,000 करोड़ रुपये का एसबीआई “फ्रॉड”. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा, मोदी जी ने कहा था, किसान की आमदनी दोगुनी करेंगे – आज हालत ये है कि अन्नदाता की ज़िंदगी ही आधी हो रही है.
राहुल गांधी ने कहा, यह सिस्टम किसानों को मार रहा है – चुपचाप, लेकिन लगातार…. और मोदी जी अपने ही पीआर का तमाशा देख रहे हैं.भारतीय जनता पार्टी के आईटी प्रकोष्ठ के प्रमुख अमित मालवीय ने राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए एक्स पर एक चार्ट साझा किया, जिसमें दावा किया गया कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-कांग्रेस सरकार के 15 साल के कार्यकाल के दौरान महाराष्ट्र में 55,928 किसानों ने आत्महत्या की.



