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Home»Breaking News»Rail:हाल की घटनाओं के बाद हरकत में आया रेलवे बोर्ड,ट्रेन चालक गति पाबंदियों का उल्लंघन क्यों करते हैं? यह पता लगाने के लिए रेलवे बोर्ड ने किया समिति गठित 
Breaking News

Rail:हाल की घटनाओं के बाद हरकत में आया रेलवे बोर्ड,ट्रेन चालक गति पाबंदियों का उल्लंघन क्यों करते हैं? यह पता लगाने के लिए रेलवे बोर्ड ने किया समिति गठित 

News DeskBy News DeskJune 16, 2024
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नयी दिल्ली. रेलवे बोर्ड ने शुरुआती और गंतव्य स्टेशन के बीच विभिन्न बिंदुओं पर ट्रेन चालकों द्वारा गति पाबंदियों के उल्लंघन के कारणों का पता लगाने के लिए एक समिति गठित की है, गति पाबंदियों का उल्लंघन सुरक्षित ट्रेन परिचालन के लिए हानिकारक है.

सूत्रों के अनुसार, बोर्ड हाल की घटनाओं के बाद हरकत में आया है, जिसमें दो ट्रेन चालकों ने एक पुल पर 20 किलोमीटर प्रति घंटे की गति पाबंदी का उल्लंघन किया और अपनी ट्रेन 120 किलोमीटर प्रतिघंटे की गति से चलाईं.

पुल के रख-रखाव का काम चल रहा था. पहली घटना में, गतिमान एक्सप्रेस के लोको पायलट और सहायक लोको पायलट ने आगरा कैंट के पास जाजौ और मनियां रेलवे स्टेशन के बीच एहतियाती गति सीमा का उल्लंघन किया.

गतिमान एक्सप्रेस भारत की पहली सेमी-हाई स्पीड ट्रेन है और जो दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन और उत्तर प्रदेश के वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी जंक्शन के बीच 160 किलोमीटर प्रतिघंटे की गति से चलती है .

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गतिमान ट्रेन की घटना के कुछ ही दिन बाद, कटरा (जम्मू) और इंदौर (मध्य प्रदेश) के बीच चलने वाली एक अन्य ट्रेन, मालवा एक्सप्रेस के चालकों ने भी उसी स्थान पर इसी तरह का उल्लंघन किया और ट्रेन को 120 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलाया.

तीन जून को सभी जोन को एक परिपत्र जारी किया
इन घटनाओं के तुरंत बाद, रेलवे बोर्ड ने तीन जून को सभी जोन को एक परिपत्र जारी किया और कहा, रेलवे बोर्ड ने लोको पायलट और ट्रेन मैनेजर (गार्ड) को जारी किए जा रहे सतर्कता आदेशों की समीक्षा के लिए एक समिति गठित की है.

परिपत्र में कहा गया है, “समिति वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से लोको पायलट के साथ संवाद करना चाहती है ताकि क्षेत्र स्तर पर सतर्कता आदेशों से संबंधित मुद्दों को समझा जा सके. इसमें सभी जोन को पांच जून को एक बैठक में भाग लेने के लिए प्रत्येक डिवीजन से लोको पायलट को नामित करने के लिए कहा गया.

डिजिटल बैठक में 180 से ज्यादा लोको पायलट और लोको इंस्पेक्टर शामिल

डिजिटल बैठक में शामिल एक लोको पायलट ने बताया, बैठक में 180 से ज्यादा लोको पायलट और लोको इंस्पेक्टर शामिल हुए और गति पाबंदियों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने के लिए कई सुझाव दिए गए. रेलवे, पटरी की स्थिति, पटरी मरम्मत के चल रहे कार्य, पुराने रेलवे पुल और स्टेशन यार्ड रीमॉडलिंग आदि जैसे कई कारणों से ट्रेनों के सुरक्षित संचालन के लिए गति पाबंदी लगाता है.

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रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इंजन पर चढ़ने से पहले लोको पायलट और उनके सहायक संबंधित परिचालन विभाग से दिशा-निर्देश और गति सीमा के साथ पूरा रूट चार्ट प्राप्त करते हैं और उन्हें उसी के अनुसार गति बनाए रखनी होती है. परिचालन के दौरान सहायक चालक इन दिशा-निर्देशों और सावधानियों को जोर से पुकारता है और चालक पुष्टि के लिए इसे दोहराता है.

बैठक में आए कई सुझाव

लोको पायलट ने कहा, ‘बैठक में कई सुझाव आए. उदाहरण के लिए, चालकों के एक वर्ग ने सुझाव दिया कि ट्रेन के गार्ड को चालक को वॉकी-टॉकी पर गति पाबंदी के शुरुआती बिंदु से तीन किलोमीटर पहले याद दिलाना चाहिए. कोटा डिवीजन के गार्ड इस प्रथा का पालन कर रहे हैं और रेलवे में इसे सभी जगह लागू करने का अनुरोध किया गया. उन्होंने कहा, कुछ चालक चाहते थे कि सतर्कता आदेश ए4 आकार के सफेद कागज पर बड़े अक्षरों और बड़े फ़ॉन्ट आकार में दिया जाए. उन्होंने यह भी कहा कि चालकों को उनकी सुविधा के लिए पाबंदियों को चिह्नित करने के लिए अलग-अलग रंग के हाइलाइटर जारी किए जाने चाहिए.

प्रतिभागियों ने यह भी कहा कि बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि क्या स्थायी गति पाबंदी (पीएसआर) को भी सतर्कता आदेश का हिस्सा बनाया जाना चाहिए.

रेलवे बोर्ड के एक सूत्र ने कहा, समिति इन सुझावों पर विचार करेगी तथा अन्य तरीकों पर विचार-विमर्श करके यह निर्णय लेगी कि सुरक्षित रेल परिचालन के हित में गति पाबंदियों से संबंधित परिचालन मानदंडों में संशोधन की आवश्यकता है या नहीं.

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