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Railway: उत्तरी रेलवे सुरक्षा आयुक्त ने जांच का मसौदा साझा करने के आदेश को ‘गैरकानूनी’ बताया, जानें क्या है मामला

New Delhi. उत्तरी सर्किल के रेलवे सुरक्षा आयुक्त ने हाल ही में अपने प्रमुख तथा मुख्य रेलवे सुरक्षा आयुक्त के एक आदेश का पालन करने से इनकार कर दिया है, जिसमें ट्रेन दुर्घटनाओं की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट जारी करने से पहले मसौदा जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया था. उत्तरी सर्किल के रेलवे सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) ने मुख्य रेलवे सुरक्षा आयुक्त (सीसीआरएस) के परिपत्र को भी कानून के विपरीत करार दिया है. संपर्क किए जाने पर सीसीआरएस जनक कुमार गर्ग के कार्यालय ने कहा कि यह निर्देश सबसे पहले 2012 में सभी सीआरएस को जारी किया गया था, जिसमें उनसे पहले तीन दुर्घटनाओं की मसौदा जांच रिपोर्ट साझा करने के लिए कहा गया था, ताकि उन्हें यह समझने में मदद मिल सके कि जांच रिपोर्ट किस प्रारूप में संकलित की जानी चाहिए.

गर्ग के कार्यालय ने कहा, यह आदेश रेलवे अधिनियम 1989 के अनुसार जारी किया गया था. सीआरएस नागरिक उड्डयन मंत्रालय के तहत एक वैधानिक निकाय है और स्वतंत्र रूप से रेल दुर्घटनाओं की जांच करता है. देश भर में रेल परिचालन को नौ सर्किल में विभाजित किया गया है ताकि प्रत्येक सीआरएस के अधिकार क्षेत्र को परिभाषित किया जा सके, जिसका नेतृत्व एक सीसीआरएस करता है. यह मामला सीसीआरएस द्वारा जारी एक दशक पुराने परिपत्र से संबंधित है, जिसमें सभी नौ सीआरएस को रेल दुर्घटनाओं की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट जारी करने से पहले मसौदा जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया था.

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