
धनबाद। रेलवे हमेशा से यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देता आया है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए एक और उदाहरण सामने आया जब गाड़ी संख्या 09620 (राँची-मदार एक्सप्रेस) में कार्यरत वाणिज्य विभाग के टिकट जांच कर्मी श्री रोशन कुमार ने अपनी सतर्कता और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय दिया।
ट्रेन यात्रा के दौरान उन्हें दो बच्चे संदिग्ध अवस्था में नजर आए, जो भयभीत और असहज लग रहे थे। उन्होंने बच्चों से बातचीत कर यह समझा कि वे घर से भागकर ट्रेन में सवार हुए हैं। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए श्री कुमार ने तुरंत रेलवे सुरक्षा बल, चोपन (RPF/CPU) को सूचना दी और बच्चों को सुरक्षित रूप से उनके सुपुर्द कर दिया।
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इतना ही नहीं, उन्होंने तत्परता दिखाते हुए बच्चों के परिजनों से भी संपर्क किया और उन्हें बच्चों के सुरक्षित होने की सूचना दी। परिजनों ने इस खबर पर राहत की सांस ली और श्री रोशन कुमार के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने निवेदन किया कि बच्चों को फिलहाल के लिए उनके संरक्षण में रखा जाए, जिस पर उन्हें भरोसा दिलाया गया कि बच्चे पूरी तरह सुरक्षित हैं और चोपन आरपीएफ थाना में देखरेख में रखे गए हैं।
इस पूरी घटना में रोशन कुमार की तत्परता, जिम्मेदारी और संवेदनशीलता प्रशंसनीय है। ऐसे कार्य न सिर्फ यात्रियों के प्रति रेलवे की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं, बल्कि अन्य कर्मचारियों के लिए भी एक प्रेरणा बनते हैं। रेलवे प्रशासन ने भी उनके इस योगदान की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि अन्य कर्मचारी भी ऐसी सतर्कता और संवेदना से अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे।
