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RANCHI NEWS: राजस्व कर्मचारी लक्ष्मीकांत मुंडा की हत्या पर भड़के अर्जुन मुंडा, बोले- जमीन माफियाओं पर हो कठोर कार्रवाई, जरूरत पड़े तो CBI जांच

रांची। झारखंड की राजधानी रांची के नामकुम में अरगोड़ा अंचल के राजस्व कर्मचारी लक्ष्मीकांत मुंडा की हत्या को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने राज्य सरकार की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने घटना की कड़ी निंदा करते हुए हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने जमीन माफियाओं की संभावित भूमिका सहित सभी पहलुओं की जांच कराने और राजस्व कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।

रविवार को लक्ष्मीकांत मुंडा के पार्थिव शरीर के पोस्टमार्टम के दौरान अर्जुन मुंडा रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) पहुंचे। यहां उन्होंने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और घटना को अत्यंत दुखद बताया।

सरकारी कर्मचारी घर में सुरक्षित नहीं, तो आम लोगों का क्या होगा : अर्जुन मुंडा

पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि राजस्व कर्मचारी की हत्या राज्य की कानून-व्यवस्था और सरकार की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकारी कर्मचारी अपने घर में सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा का भरोसा कौन देगा?

अर्जुन मुंडा ने प्रशासनिक पदाधिकारियों से बातचीत कर घटना की गहन जांच और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने कहा कि पुलिस को सभी संभावित पहलुओं की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।

जमीन माफियाओं की संभावित भूमिका की भी हो जांच

अर्जुन मुंडा ने रांची और आसपास के क्षेत्रों में जमीन माफियाओं की कथित बढ़ती सक्रियता पर चिंता जताई।

उन्होंने कहा कि लक्ष्मीकांत मुंडा की हत्या की जांच में जमीन माफियाओं की संभावित भूमिका को भी शामिल किया जाना चाहिए। हालांकि, उन्होंने किसी विशेष व्यक्ति या समूह को इस हत्या के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया।

पूर्व मुख्यमंत्री ने मांग की कि यदि जांच के दौरान किसी प्रभावशाली व्यक्ति या प्रशासनिक तंत्र से जुड़े किसी व्यक्ति के संरक्षण की बात सामने आती है, तो उसकी भी जवाबदेही तय की जाए।

उन्होंने राज्य सरकार से जमीन माफियाओं के खिलाफ ठोस अभियान चलाने की मांग की।

राजस्व कर्मचारियों को मिले सुरक्षित कार्य वातावरण

अर्जुन मुंडा ने कहा कि जमीन की पैमाइश, भूमि अभिलेखों और राजस्व संबंधी कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि राजस्व व्यवस्था में अनियमितताओं की जांच केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। प्रभावशाली लोगों के दबाव और कथित माफिया गठजोड़ से जुड़ी शिकायतों की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ईमानदारी से काम करने वाले राजस्व कर्मचारियों को ऐसा वातावरण मिलना चाहिए, जिसमें वे बिना किसी दबाव या भय के अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें।

गंभीर भूमि विवादों की जांच के लिए तय हो समयसीमा

अर्जुन मुंडा ने सरकार से मांग की कि जमीन विवादों और भू-माफियाओं से जुड़े गंभीर मामलों की जांच के लिए स्पष्ट समयसीमा निर्धारित की जाए।

उन्होंने कहा कि निर्धारित अवधि में जांच पूरी नहीं होने पर देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।

जरूरत पड़ने पर गंभीर मामलों को स्वतंत्र जांच एजेंसी को सौंपने और परिस्थितियों के अनुसार सीबीआई जांच कराने पर भी विचार किया जाना चाहिए।

नागरिकों के भूमि अधिकारों की रक्षा करे सरकार

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि आम नागरिकों के भूमि अधिकारों की रक्षा के लिए पारदर्शी और जवाबदेह राजस्व व्यवस्था आवश्यक है।

उन्होंने सरकार से भूमि संबंधी मामलों में कानूनी और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने की मांग की।

अर्जुन मुंडा ने कहा कि जमीन माफियाओं के कथित दबाव और भय के माहौल में न तो नागरिकों के अधिकार सुरक्षित रह सकते हैं और न ही राजस्व कर्मचारी निर्भय होकर अपना काम कर सकते हैं।

उन्होंने लक्ष्मीकांत मुंडा हत्याकांड की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कानून के दायरे में लाने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग दोहराई।

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