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RANCHI NEWS :गुरुजी के निधन से झारखंड की राजनीति में बड़ा शून्य उत्पन्न हुआ: सरयू राय

रांची। जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा के सांसद शिबू सोरेन के निधन को मर्माहत करने वाला बताया है।यहां जारी शोक संदेश में सरयू राय ने कहा कि स्वर्गीय शिबू सोरेन झारखंड की राजनीति के प्रतीक पुरुष के रूप में स्थापित हुए थे।उन्होंने झारखंड की राजनीति को नई दिशा दी और प्रयास किया था कि झारखंड अपने विशेषताओं के साथ उतरोत्तर विकास करे।

श्री राय ने कहा कि वर्ष 2000 में जब एकीकृत बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में अल्पकालीन सरकार बनी थी तो शिबू सोरेन और झारखण्ड मुक्ति मोर्चा ने उसका समर्थन किया था। उस समय वह राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के बिहार प्रदेश संयोजक थे। उस नाते उन्हें इस मुहिम में शिबू सोरेन के साथ नजदीक से काम करने का मौका मिला था। तब उन्हें नजदीक से जाना था। इसके बाद वर्ष 2004 में 29 मई से दामोदर बचाओ आंदोलन आरंभ किया तो उसके बारे में भी शिबू सोरेन से विस्तृत चर्चा की थी।

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श्री राय ने बताया कि 24 और 25 सितम्बर, 2004 को युगांतर भारती एवं अन्य स्वयंसेवी संस्थाओं की तरफ से राँची में दामोदर बचाओ आंदोलन की एक प्रदर्शनी आयोजित की गई थी। उसमें श्री शिबू सोरेन स्वयं आये, काफी देर तक रहे और संगोष्ठी में भाग लिया।

सरयू राय ने कहा कि शिबू सोरेन के निधन से झारखण्ड की राजनीति में एक बड़़ा शून्य उत्पन्न हो गया है। उनके विरासत को आगे बढ़ाने का दायित्व उनके सुपुत्र और वर्तमान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर है। वह शिबू सोरेन के प्रति सादर श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं और उनके परिजनों एवं समर्थकों को शोक सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना ईश्वर से करते हैं।

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