


नई दिल्ली. केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने राइड-हेलिंग कंपनी Rapido पर भ्रामक विज्ञापनों और अनुचित व्यापार प्रथाओं के लिए 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. इसके साथ ही कंपनी को प्रभावित ग्राहकों को मुआवजा देने का आदेश भी दिया गया है.
भ्रामक ऑफर से ग्राहक हुए गुमराह
Rapido ने अपने विज्ञापनों में “5 मिनट में ऑटो या 50 रुपये पाएं” और “गारंटीड ऑटो” जैसे आकर्षक दावे किए थे. कंपनी का कहना था कि यदि 5 मिनट में ऑटो नहीं मिलता, तो ग्राहकों को 50 रुपये दिए जाएंगे. लेकिन जांच में पता चला कि यह दावा भ्रामक था. ग्राहकों को नकद राशि के बजाय “Rapido कॉइन्स” दिए गए, जो केवल बाइक राइड्स के लिए उपयोग हो सकते थे और उनकी वैधता सिर्फ 7 दिन थी.
शिकायतों में दोगुनी बढ़ोतरी
राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन के आंकड़ों के अनुसार, जून 2024 से जुलाई 2025 के बीच Rapido के खिलाफ 1,224 शिकायतें दर्ज की गईं, जबकि इससे पहले के 14 महीनों में यह संख्या केवल 575 थी. यानी शिकायतों में दोगुने से अधिक की वृद्धि हुई है.
छोटे और अपठनीय अस्वीकरण
CCPA की जांच में सामने आया कि Rapido के विज्ञापनों में अस्वीकरण बहुत छोटे और अपठनीय फ़ॉन्ट में लिखे गए थे, जिससे ग्राहक ऑफर की वास्तविक शर्तों को समझ नहीं पाए. इसे उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन माना गया.
मंत्रालय का सख्त रुख
उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, “ऐसे प्रतिबंधों ने ऑफर के मूल्य को कम किया और उपभोक्ताओं को अनुचित रूप से कम समय में Rapido की अन्य सेवाओं का उपयोग करने के लिए मजबूर किया.”
CCPA की कार्रवाई
CCPA ने Rapido को भ्रामक विज्ञापन तत्काल बंद करने और ग्राहकों को वास्तविक मुआवजा देने का निर्देश दिया है. साथ ही कंपनी को भविष्य में गुमराह करने वाले प्रचार से बचने की सख्त चेतावनी दी गई है.
उपभोक्ताओं के लिए राहत
यह फैसला उन उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत है जो ऐप-आधारित सेवाओं के झूठे वादों से परेशान हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्रवाई डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा को और मजबूत करेगी.



