


Rourkella: राउरकेला रेलवे स्टेशन इन दिनों अवैध वेंडरों के चंगुल में होने की चर्चा हैं. रेलवे प्लेटफार्म पर दर्जनों अवैध वेंडर के सक्रिय होने के मुद्दे पर Rpf के वरीय पदाधिकारी शक के दायरे में देखे जाते हैं.
सूत्रों की माने तो Rpf के अलावा कमर्शियल डिपार्टमेंट एवं कैटरिंग डिपार्टमेंट की मिली भगत से ही दर्जनों अवैध वेंडर प्लेटफार्म पर देखे जा सकते हैं.
राउरकेला Rpf के कमलेश समादार एवं अवैध वेंडर में क्या संबंध है? यह रेलवे अधिकारियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है, जो साउथ ईस्टर्न रेलवे एवं चक्रधरपुर रेल डिवीजन के वरीय अधिकारियों के लिए जांच का विषय है.
राउरकेला स्टेशन प्लेटफार्म पर अवैध वेंडर का कब्जा होने से किसी बड़ी अप्रिय घटना की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है ,रेलवे प्रशासन के लिए समय रहते जांच का विषय यह है कि एसीएम एवं स्टेशन मास्टर के द्वारा जारी किए गए चंद वेंडर के पहचान पत्र का किस प्रकार दुरुपयोग कर दर्जनों अवैध वेंडर प्लेटफार्म पर देखे जाते हैं.
अवैध वेंडर पर कार्रवाई करने में कमर्शियल डिपार्टमेंट,कैटरिंग डिपार्टमेंट एवं Rpf क्यों सुस्त है? यह चर्चा का विषय है.
अवैध वेंडरों के वर्चस्व स्थापित होने में M.S. आनंदएस ,फूड ट्रैक एवं जन आहार के अलावा किन-किन रेल अधिकारियों का संरक्षण संरक्षण इन्हें प्राप्त है? यह भी जांच का विषय है.
चक्रधरपुर रेलमंडल के राउरकेला स्टेशन पर अवैध वेंडरों का कब्जा के संबंध में लोगों का मानना है कि पिछले कई महीनों से प्लेटफार्म पर अनजाने वेंडरों का कब्जा है. कथित तौर पर आरपीएफ ,कैटरिंग और कमर्शियल डिपार्टमेंट की मिलीभगत या यूं कहे कि प्रॉपर जांच न होने के कारण यहां अवैध कारोबार खुलेआम चल रहा है, जिसका खामियाजा आम यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है.
क्रमशः – अगले अंक में….
Kumar Manish,9852225588



