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Saraikela: चांडिल के आरिफ का कमाल का हुनर, साधारण मारुति 800 को बनाया सुपरकार लैंबॉर्गिनी एवेंटाडोर, फिल्म टार्जन से जागा था जुनून

Chandil. एक युवा ने अपने बचपन के जुनून को न केवल जिंदा रखा. बल्कि उसे हकीकत में बदलकर पूरी दुनिया को चौंका दिया है. चांडिल निवासी मोहम्मद आरिफ जिन्हें अब पूरा इलाका प्यार से टार्जन के नाम से जानता है. उन्होंने एक साधारण सी मारुति 800 को सुपरकार लैंबॉर्गिनी एवेंटाडोर का लुक देकर सबको हैरान कर दिया है. सोशल मीडिया पर इस कार को देखने के लिए करोड़ों लोग आ चुके हैं. आइए जानते हैं इनकी कहानी. 90 के दशक और 2000 की शुरुआत में पली-बढ़ी पीढ़ी के लिए ‘टार्जन: द वंडर कार’ सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि एक सपना थी. आरिफ भी उन्हीं बच्चों में से एक थे. बीते 10 सालों से गैराज लाइन में कार मैकेनिक के रूप में काम कर रहे आरिफ के मन में हमेशा से खुद की एक टार्जन कार बनाने की तड़प थी.

इसी दीवानगी के चलते उन्होंने अपना नाम भी टार्जन रख लिया. आरिफ ने इस प्रोजेक्ट के लिए पुरानी मारुति 800 को चुना. किसी बड़ी फैक्ट्री या आधुनिक वर्कशॉप के बजाय उन्होंने अपने छोटे से गैराज में 2 साल की कड़ी मेहनत के बाद इस मास्टरपीस को तैयार किया. आरिफ बताते हैं कि वे खुद मैकेनिक हैं इसलिए डिजाइन की कटिंग से लेकर बॉडी की वेल्डिंग और डिटेलिंग तक का सारा काम उन्होंने अपने हाथों से किया. सिर्फ म्यूजिक सिस्टम, एलईडी लाइट्स और फ्रंट ग्लास जैसी कुछ चीजें ही बाहर से खरीदी गईं.

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