


Jamshedpur.बिष्टुपुर थाना पुलिस ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और पुलिस कार्य में बाधा डालने के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे कुख्यात आरोपित दिनकर कच्छप को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। सीतारामडेरा थाना क्षेत्र का निवासी दिनकर कच्छप स्वयं को ‘बिरसा सेना’ से जुड़ा बताता है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वर्ष 2020 से 2026 के बीच शहर के विभिन्न थानों में उसके खिलाफ दुष्कर्म, रंगदारी समेत एक दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।बिष्टुपुर थाना प्रभारी आलोक दुबे ने बताया कि 1 जनवरी 2025 को दिनकर कच्छप और उसके सहयोगियों ने बिष्टुपुर गोलचक्कर पर जयपाल सिंह के नाम से संबंधित एक बोर्ड जबरन लगा दिया था।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2019 में कपाली ओपी क्षेत्र निवासी तस्कीन खानम को घर से भगाकर ले जाने के मामले में कांदरबेड़ा पुनर्वास कॉलोनी निवासी अल्पना महाली का नाम सामने आया था। इसके बाद जून 2026 में तस्कीन खानम को दोबारा भगाने के आरोप को लेकर कपाली पुलिस ने संबंधित लोगों से पूछताछ की थी। पूछताछ के दौरान तत्कालीन कपाली ओपी प्रभारी, एक एएसआई और महिला आरक्षी पर मारपीट तथा अभद्र व्यवहार के आरोप लगाए गए थे।
उस समय आदिवासी नेता दिनकर कच्छप द्वारा पीड़िता का पक्ष रखने की बात भी सामने आई थी। इसी बीच पुलिस ने दिनकर कच्छप को बिष्टुपुर थाना कांड संख्या 02/2025 और 09/2025 के मामलों में गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उनके खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार दिनकर कच्छप के खिलाफ बिरसानगर, सीतारामडेरा, गालूडीह, एमजीएम और बिष्टुपुर थाना क्षेत्रों में बलवा, मारपीट, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने तथा कानून-व्यवस्था भंग करने जैसे मामलों में प्राथमिकी दर्ज है।
गिरफ्तारी के बाद कपाली से जुड़े पूरे प्रकरण पर बहस फिर से शुरू हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए, ताकि सभी तथ्यों की स्पष्ट जानकारी सामने आ सके और किसी भी प्रकार की भ्रम की स्थिति समाप्त हो। फिलहाल पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है, जबकि क्षेत्र के लोगों की नजरें जांच की प्रगति और आगामी घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।



