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Saraikela: कांदरबेड़ा-दोमुहानी फोरलेन प्रोजेक्ट में फिर फंसा पेंच, वनभूमि हस्तांतरण का प्रस्ताव पर सरायकेला वन प्रमंडल ने उठाये गंभीर सवाल

Saraikela. एनएच 33 कांदरबेड़ा-दोमुहानी करीब 8 किमी फोरलेन प्रोजेक्ट में फिर पेंच फंस गया है. सरायकेला वन प्रमंडल पदाधिकारी (डीएफओ) ने पथ निर्माण विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए वनभूमि हस्तांतरण के प्रस्ताव को 14 बड़ी खामियों के साथ वापस कर दिया है. विभाग की घोर लापरवाही का आलम यह है कि प्रस्ताव के साथ संलग्न जस्टिफिकेशन रिपोर्ट पर सक्षम अधिकारी के हस्ताक्षर तक नहीं हैं.

सरायकेला वन प्रमंडल द्वारा दो दिसंबर को जारी पत्र ने प्रशासनिक उदासीनता की पोल खोल दी है. डीएफओ ने पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता को स्पष्ट किया है कि करीब 8 किलोमीटर लंबी इस सड़क के चौड़ीकरण के लिए 4.887 हेक्टेयर वनभूमि की आवश्यकता है.

लेकिन, ऑनलाइन आवेदन के साथ जो दस्तावेज सौंपे गए, वे बेहद अधूरे हैं. विभाग ने सबसे बड़ी चूक यह की है कि प्रस्ताव के साथ संलग्न जस्टिफिकेशन रिपोर्ट पर सक्षम प्राधिकारी के हस्ताक्षर ही नहीं कराए गए हैं, जो सरकारी कामकाज की गंभीरता पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है.
वन विभाग ने जिन 14 त्रुटियों को चिन्हित किया है, उनके बिना किसी भी प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलना असंभव है। प्रस्ताव में प्रोजेक्ट का डिटेल नोट, जीपीएस को-ऑर्डिनेट्स के साथ पूर्ण ग्रामीण मानचित्र और टोपोशीट संलग्न नहीं है. इसके अलावा योजना का ले-आउट प्लान, वनभूमि एवं गैर-वनभूमि की सूची और अंचलाधिकारी द्वारा सत्यापित भूमि सूची भी नदारद है.

18 माह की समय सीमा में पूरा करना है प्रोजेक्ट
3अक्तूबर 2024 को विधायक सविता महतो ने उक्त सड़क का शिलान्यास किया था. 18 माह की समय सीमा में प्रोजेक्ट को पूरा करना है, लेकिन नयी अड़चनों के कारण प्रोजेक्ट में अघोषित ब्रेक लग गयी है. वर्तमान में उक्त प्रोजेक्ट में काफी धीमी या नहीं के बराबर काम हो रहा है.

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