


Chaibasa. पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल में शुक्रवार को दो आईईडी विस्फोट होने से सीआरपीएफ के एक इंस्पेक्टर समेत तीन जवान घायल हो गए. इस धमाके में सीआरपीएफ 60 बटालियन के इंस्पेक्टर केके मिश्रा समेत तीन जवान घायल हो गए हैं. घायलों में रामकृष्ण गागराई और मंटू कुमार भी शामिल हैं. ये घटना उस समय हुई जब सीआरपीएफ और जिला पुलिस की संयुक्त टीम इलाके में नक्सल विरोधी अभियान चला रही थी. जैसे ही जवान पहाड़ी क्षेत्र में आगे बढ़े, नक्सलियों ने छिपकर आईईडी विस्फोट कर दिया. जोरदार धमाके से आसपास का इलाका दहशत में आ गया. घायल जवानों को बचाने के लिए तुरंत मेडिकल टीम मौके पर भेजी गई और उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया. पश्चिमी सिंहभूम के एसपी अमित रेणु ने इस आईईडी विस्फोट की पुष्टि की है. एसपी ने बताया कि इस घटना मे तीनों घायलों की हालत अब स्थिर है और उनका इलाज जारी है. इस घटना के बाद इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है.
पुलिस अधिकारी ने बताया कि ये विस्फोटक प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) द्वारा लगाए गए थे, जो झारखंड में सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए ‘प्रतिरोध सप्ताह’ मना रहा है. पुलिस उपमहानिरीक्षक (कोल्हान) अनुरंजन किस्पोटा ने बताया कि जराइकेला थाना क्षेत्र के अंतर्गत बाबूडीह इलाके में हुए विस्फोटों में केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के एक इंस्पेक्टर और दो जवान घायल हो गए. उन्होंने बताया कि घायल इंस्पेक्टर को पड़ोसी ओडिशा के राउरकेला स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
झारखंड पुलिस ने आठ अक्टूबर को सीपीआई (माओवादी) द्वारा शुरू किए गए ‘प्रतिरोध सप्ताह’ के मद्देनजर पूरे राज्य में सुरक्षा कड़ी कर दी है. संगठन ने 15 अक्टूबर को बंद का भी आह्वान किया है. पुलिस महानिरीक्षक (अभियान) माइकल राज ने बृहस्पतिवार को को बताया था कि सुरक्षा बढ़ाने के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की 12 बटालियन और झारखंड सशस्त्र पुलिस (जेएपी) तथा भारतीय रिजर्व बटालियन (आईआरबी) की 20 टुकड़ियों को तैनात किया गया है.
एक जगह उड़ाई पुलिया
नक्सलियों की सक्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने पास के ही इलाके में एक और लैंडमाइन ब्लास्ट कर पुलिया को उड़ा दिया. हालांकि, इस दूसरे विस्फोट की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है. सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेरकर तलाशी अभियान तेज कर दिया है.
घटना के बाद से सारंडा जंगल क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन और भी तीव्र कर दिया गया है. पुलिस का मानना है कि यह हमला सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव के जवाब में किया गया है. इलाके में बड़ी संख्या में बलों की तैनाती कर दी गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को दोहराया न जा सके.



