


सरायकेला-खरसावां ।
जिले में किसानों को निर्धारित दर और समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। उपायुक्त श्री नीतिश कुमार सिंह के निर्देश पर जिलेभर में खाद दुकानों का विशेष निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस अभियान का उद्देश्य किसानों को सही मूल्य पर खाद उपलब्ध कराना और कालाबाजारी जैसी गतिविधियों पर रोक लगाना है।
कई अधिकारियों ने चलाया संयुक्त निरीक्षण अभियान
निरीक्षण अभियान के तहत अनुमंडल पदाधिकारी सरायकेला, अनुमंडल पदाधिकारी चांडिल, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी तथा अंचल अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित खाद दुकानों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने दुकानों में उपलब्ध उर्वरक स्टॉक की स्थिति का जायजा लिया और रिकॉर्ड की जांच की।
स्टॉक पंजी और विक्रय अभिलेखों की हुई जांच
निरीक्षण के दौरान खाद दुकानों में स्टॉक पंजी, विक्रय पंजी, भंडारण व्यवस्था, दर सूची और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की गई। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि दुकानदार सरकारी निर्धारित दर पर ही उर्वरक की बिक्री करें और सभी रिकॉर्ड अद्यतन रखें। साथ ही किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने देने के निर्देश भी दिए गए।
कालाबाजारी और जमाखोरी पर होगी कार्रवाई
प्रशासन ने साफ कहा है कि उर्वरक की कालाबाजारी, जमाखोरी या किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित दुकानदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
किसानों से रसीद लेने की अपील
जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि खाद खरीदते समय दुकानदार से रसीद अवश्य लें। यदि किसी दुकान में अधिक कीमत वसूली जाती है या किसी प्रकार की गड़बड़ी दिखाई देती है, तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित प्रखंड कार्यालय या जिला प्रशासन को दें। प्रशासन का कहना है कि किसानों के हितों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर
निरीक्षण अभियान के जरिए प्रशासन उर्वरक वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने की कोशिश कर रहा है। अधिकारियों का मानना है कि नियमित निरीक्षण से खाद की कृत्रिम कमी और अवैध भंडारण पर रोक लगेगी तथा किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध हो सकेगा।



