
जानकारी के अनुसार, कांदागोड़ा गांव निवासी गुरा पूर्ती अपनी पत्नी शुरू पूर्ती को शनिवार रात प्रसव पीड़ा होने पर सदर अस्पताल लेकर पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि भर्ती के समय महिला की स्थिति सामान्य थी, लेकिन रातभर समुचित इलाज और निगरानी नहीं मिलने से उसकी हालत बिगड़ती गई, जिसके बाद उसकी मौत हो गई।
मृतका के पति गुरा पूर्ती ने आरोप लगाया कि चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों ने समय पर आवश्यक उपचार नहीं किया। उनका कहना है कि घटना के बाद भी अस्पताल की ओर से उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई, जिससे परिजनों में आक्रोश फैल गया।
वहीं, ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. रीमा ने बताया कि महिला अस्पताल पहुंचने के समय से ही गंभीर एनीमिया से पीड़ित थी। उनके अनुसार मरीज के शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर अत्यंत कम था और उसकी स्थिति पहले से ही गंभीर थी। उपलब्ध संसाधनों के अनुसार उसका उपचार किया गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।
घटना के बाद अस्पताल परिसर में कुछ समय तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा। सूचना मिलने पर अस्पताल प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचे तथा परिजनों को समझाने का प्रयास किया। फिलहाल मामले में आवश्यक कानूनी एवं प्रशासनिक प्रक्रिया अपनाई जा रही है। वहीं, परिजन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं।