Close Menu
Lahar ChakraLahar Chakra
  • Jamshedpur
  • Jharkhand
  • Bihar
  • National
  • Politics
  • Crime
  • Elections
  • Automobile
Facebook X (Twitter) Instagram
Facebook X (Twitter) YouTube Instagram
Lahar ChakraLahar Chakra
  • Home
  • Jamshedpur
  • State
    • Jharkhand
    • Bihar
  • National
  • Politics
  • Crime
  • Elections
  • Automobile
Lahar ChakraLahar Chakra
  • Jamshedpur
  • Jharkhand
  • Bihar
  • National
  • Politics
  • Crime
  • Elections
  • Automobile
Home»Breaking News»Sonam Wangchuk: वांगचुक ने सरकार से ‘समझौते’ के आरोप नकारे, बोले- प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई की आशंका में तोड़ा अनशन
Breaking News

Sonam Wangchuk: वांगचुक ने सरकार से ‘समझौते’ के आरोप नकारे, बोले- प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई की आशंका में तोड़ा अनशन

News DeskBy News DeskJuly 25, 2026
Facebook Twitter WhatsApp Telegram Email LinkedIn Copy Link
Share
Facebook Twitter WhatsApp Telegram LinkedIn Email Copy Link

New Delhi. सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार के साथ किसी तरह का ‘‘समझौता’’ करने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने 26 दिन का आमरण अनशन तभी समाप्त किया, जब सरकार ने उन्हें लिखित आश्वासन दिया। वांगचुक ने कहा कि दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई की आशंका थी और उन्हें 2025 में लद्दाख में युवाओं पर हुई पुलिस गोलीबारी की घटना याद आ रही थी। ऐसे में वह नहीं चाहते थे कि आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ किसी प्रकार की हिंसा हो।

वांगचुक ने शुक्रवार देर रात ‘यूट्यूब’ पर जारी एक वीडियो में कहा कि उन्होंने अपना अनिश्चितकालीन अनशन तभी समाप्त करने पर सहमति दी, जब केंद्र सरकार ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करने का लिखित आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि बातचीत के दौरान उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर जोर नहीं दिया, क्योंकि उनकी प्राथमिकता आंदोलन में शामिल छात्रों और प्रदर्शनकारियों को कानूनी कार्रवाई से बचाना था।
वांगचुक ने यह आरोप भी खारिज किया कि उन्होंने सरकार के साथ कोई समझौता किया है।

उन्होंने कहा, ‘‘बीती रात करीब मध्यरात्रि को मुझे बताया गया कि केंद्रीय मंत्री लिखित आश्वासन देने के लिए तैयार हो गए हैं। मुझे जल्दी थी, क्योंकि दिल्ली की स्थिति ऐसी थी कि किसी भी समय प्रदर्शनकारियों पर बड़ी कार्रवाई हो सकती थी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं समाचार देख रहा था और मुझे 24 सितंबर 2025 की वह घटना याद आ गई, जब लद्दाख के युवाओं पर पुलिस और सीआरपीएफ ने बेरहमी से गोलियां चलाई थीं। मुझे डर था कि कहीं यहां भी वैसा ही कुछ न हो जाए। मुझे लगा कि यदि मैं अनशन समाप्त कर शांति बनाए रखने की अपील करूं, तो शायद स्थिति को शांत किया जा सके।’’

अनशन केंद्रीय मंत्रियों की मौजूदगी में समाप्त करने को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए वांगचुक ने कहा कि उनकी आलोचना करने वाले लोग उन परिस्थितियों से अनजान हैं, जिनका उन्हें प्रदर्शन स्थल से अस्पताल ले जाए जाने के बाद सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा, ‘‘अगर मुझे सरकार से समझौता ही करना होता, तो क्या मैं 26 दिन तक भूखा रहता? क्या मैं दिल्ली की भीषण गर्मी में अनशन करने के बजाय किसी वातानुकूलित कमरे में बैठकर समझौता नहीं कर सकता था?’’

Jamshedpur: साकची गांधी घाट के समीप ट्रेलर अनियंत्रित होकर सड़क पर पलटा, बाल-बाल बचा चालक

वांगचुक ने आरोप लगाया कि 18 जुलाई को उन्हें प्रदर्शन स्थल से हटाकर सफदरजंग अस्पताल ले जाए जाने के बाद उनके साथ ‘‘कैदी जैसा’’ व्यवहार किया गया। उन्होंने दावा किया कि उन्हें स्वतंत्र रूप से आने-जाने की अनुमति नहीं थी, किसी से मिलने नहीं दिया जा रहा था और न ही मोबाइल फोन या लैपटॉप रखने की इजाजत थी। उन्होंने कहा, ‘‘वह ऐसा था कि मानो उत्तर कोरिया में हों।’’ उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा उन्हें मेदांता अस्पताल ले जाए जाने की अनुमति दिए जाने के बावजूद कई घंटे तक उन्हें सफदरजंग अस्पताल से बाहर नहीं जाने दिया गया।

वांगचुक ने कहा कि केंद्रीय मंत्रियों के साथ बातचीत के दौरान उनकी सबसे बड़ी चिंता यह सुनिश्चित करना था कि आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ न तो हिंसा हो और न ही कोई कानूनी कार्रवाई।
उन्होंने कहा कि इसी कारण उन्होंने बातचीत के दौरान धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर जोर नहीं दिया। उन्हें विश्वास है कि यह मांग आंदोलन के माध्यम से अंततः पूरी हो जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘मेरा पूरा ध्यान इस बात पर था कि छात्रों को कोई नुकसान न पहुंचे। मेरी सबसे बड़ी चिंता उनके खिलाफ प्राथमिकियों और कानूनी कार्रवाई को रोकना था। मुझे नहीं लगा कि मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से मंत्री का इस्तीफा सुनिश्चित करना ज्यादा जरूरी है।’’

वांगचुक के अनुसार, केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और जितेंद्र सिंह उनसे मेदांता अस्पताल में मिले और उन्होंने कथित नीट प्रश्नपत्र लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने पर सकारात्मक विचार करने तथा परीक्षा प्रणाली में सुधार और जवाबदेही के मुद्दे पर संसद में चर्चा कराने का आश्वासन दिया। हालांकि, उन्होंने कहा कि शुरुआत में मंत्री शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं करने का लिखित आश्वासन देने के लिए तैयार नहीं थे।
उन्होंने कहा, ‘‘वे मुआवजे और संसद में चर्चा के लिए तो तैयार थे, लेकिन यह लिखकर देने को तैयार नहीं थे कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया जाएगा। वे केवल मौखिक आश्वासन देना चाहते थे। मैंने लिखित आश्वासन पर जोर दिया और तब तक अपनी बात पर अड़ा रहा, जब तक उन्होंने इसे स्वीकार नहीं कर लिया।’’

Share Market: टीसीएस, अन्य आईटी कंपनियों के शेयर में बढ़त से बाजार में शुरुआती कारोबार में तेजी, Sensex में उछाल

वांगचुक ने कहा कि उनकी इच्छा थी कि वह अपना अनशन सांसदों, कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के सदस्यों और लद्दाख के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में समाप्त करें, लेकिन उनका दावा है कि केंद्रीय मंत्रियों के देर रात पहुंचने से पहले इनमें से कई लोगों को उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने कहा, ‘‘मेरा सबसे बड़ा दुख यही है कि मेरे साथी, आंदोलन में शामिल छात्र और मेरा समर्थन करने आए सांसद उस समय मौजूद नहीं थे, जब मैंने अपना अनशन समाप्त किया।’’ वांगचुक ने बृहस्पतिवार देर रात अपना अनिश्चितकालीन अनशन समाप्त किया था। इससे पहले केंद्र सरकार ने उन्हें लिखित आश्वासन दिया कि वह शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामले दर्ज नहीं करने के पक्ष में है, परीक्षा सुधार और प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे पर संसद में विस्तृत चर्चा करायी जाएगी तथा कथित नीट प्रश्नपत्र लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने पर भी सकारात्मक विचार किया जा रहा है।

Share. Facebook Twitter WhatsApp LinkedIn Telegram Email Copy Link

Related Posts

Jamshedpur: साकची गांधी घाट के समीप ट्रेलर अनियंत्रित होकर सड़क पर पलटा, बाल-बाल बचा चालक

October 9, 2026

Share Market: टीसीएस, अन्य आईटी कंपनियों के शेयर में बढ़त से बाजार में शुरुआती कारोबार में तेजी, Sensex में उछाल

October 9, 2026

Air india का सफर हुआ महंगा, घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए ईंधन अधिभार बढ़ाया, नई दरें नौ अक्टूबर से लागू होंगी

October 9, 2026
Recent Post

Jamshedpur: साकची गांधी घाट के समीप ट्रेलर अनियंत्रित होकर सड़क पर पलटा, बाल-बाल बचा चालक

October 9, 2026

Share Market: टीसीएस, अन्य आईटी कंपनियों के शेयर में बढ़त से बाजार में शुरुआती कारोबार में तेजी, Sensex में उछाल

October 9, 2026

Air india का सफर हुआ महंगा, घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए ईंधन अधिभार बढ़ाया, नई दरें नौ अक्टूबर से लागू होंगी

October 9, 2026

Jharkhand: SIR की अंतिम मतदाता सूची की समय-सीमा 30 नवंबर तक बढ़ायी गयी, नाम जुड़वाने के लिए 12 से 16 अक्टूबर तक विशेष अभियान चलेगा

October 9, 2026

GST में व्यापक सुधारों को मंजूरी, अब गिरफ्तारी का अधिकार खत्म, तेजी से मिलेगा ‘रिफंड’, जानें और क्या बदले नियम?

October 9, 2026
Advertisement
© 2026 Lahar Chakra. Designed by Launching Press.
  • Privacy Policy
  • Terms
  • Accessibility

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

Join Laharchakra Group