

नागपुर: दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर मंडल में सिग्नल एवं दूरसंचार (S&T) विभाग ने फरवरी 2026 के दौरान सुरक्षा और यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। इन पहलों से रेलवे संचालन को अधिक सुरक्षित, आधुनिक और विश्वसनीय बनाने पर जोर दिया गया है।
समपार फाटक पर सुरक्षा में बड़ा सुधार
सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अर्जुनी स्टेशन के एलसी गेट संख्या GCF-48 को 1 फरवरी 2026 को यांत्रिक प्रणाली से अपग्रेड कर विद्युत संचालित गेट में बदल दिया गया। इस बदलाव से मानवीय त्रुटियों में कमी आई है और समपार फाटक की सुरक्षा में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

कोच गाइडेंस सिस्टम से यात्रियों को राहत
यात्रियों की सुविधा के लिए तुमसर स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर 25 नए कोच गाइडेंस डिस्प्ले बोर्ड लगाए गए हैं। इससे यात्रियों को पहले से ही अपने कोच की सही स्थिति की जानकारी मिल रही है, जिससे प्लेटफॉर्म पर भीड़ और अफरातफरी कम हो रही है।
आधुनिक सूचना प्रणाली की शुरुआत
यात्री सूचना प्रणाली को मजबूत करने के लिए तुमसर रोड स्टेशन पर 26 फरवरी 2026 को नए डिस्प्ले बोर्ड लगाए गए हैं। इनमें सिंगल लाइन डिस्प्ले और “एट ए ग्लांस” बोर्ड शामिल हैं, जो यात्रियों को ट्रेन की समय-सारिणी, आगमन और प्रस्थान की जानकारी तुरंत उपलब्ध कराते हैं।
डोंगरगढ़ स्टेशन पर भी सुविधा विस्तार
डोंगरगढ़ स्टेशन पर भी यात्री सुविधाओं को बढ़ाया गया है। प्लेटफॉर्म नंबर-1 और प्लेटफॉर्म नंबर-5 पर कोच गाइडेंस डिस्प्ले बोर्ड लगाए गए हैं, जिससे यात्रियों को कोच पोजिशन की स्पष्ट जानकारी मिल रही है और प्लेटफॉर्म पर भीड़ कम हो रही है।
स्मार्ट और सुरक्षित रेलवे की दिशा में कदम
सिग्नल एवं दूरसंचार विभाग के ये सभी कार्य रेलवे की उस प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं, जिसके तहत आधुनिक तकनीक के माध्यम से रेलवे को अधिक सुरक्षित, स्मार्ट और यात्री-अनुकूल बनाया जा रहा है।
भविष्य में भी जारी रहेंगे सुधार
रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है। आने वाले समय में भी इस तरह के तकनीकी सुधार और नवाचार जारी रहेंगे, जिससे रेलवे सेवाएं और बेहतर हो सकें।



