


जमशेदपुर।
दक्षिण पूर्व रेलवे (SER) में एक अहम प्रशासनिक बदलाव हुआ है। वरिष्ठ रेलवे अधिकारी अनिल कुमार जैन ने 9 अप्रैल 2026 को महाप्रबंधक (GM) का पदभार संभाल लिया है। इससे पहले पूर्व जीएम अनिल कुमार मिश्रा 31 मार्च 2026 को सेवानिवृत्त हो गए थे।
अंतरिम व्यवस्था के बाद स्थायी नियुक्ति
जीएम पद के रिक्त होने के बाद 1 अप्रैल से 9 अप्रैल तक सौमित्र मजूमदार ने अपर महाप्रबंधक के रूप में अंतरिम जिम्मेदारी संभाली। अब अनिल कुमार जैन की स्थायी नियुक्ति से रेलवे जोन में विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
शानदार शैक्षणिक पृष्ठभूमि
अनिल कुमार जैन 1990 बैच के इंडियन रेलवे सर्विस ऑफ इलेक्ट्रिकल इंजीनियर्स के अधिकारी हैं। उन्होंने विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन से बीटेक और आईआईटी दिल्ली से एमटेक किया, जहां उन्हें गोल्ड मेडल मिला। इसके अलावा उन्होंने मणिपाल विश्वविद्यालय से एमबीए भी किया है।
तकनीकी विशेषज्ञ और अनुभवी अधिकारी
पदभार संभालने से पहले वे उत्तर पश्चिम रेलवे, जयपुर में प्रधान मुख्य विद्युत इंजीनियर के रूप में कार्यरत थे। उन्होंने पश्चिम रेलवे के राजकोट मंडल में DRM के रूप में भी सफल कार्यकाल पूरा किया है।
अंतरराष्ट्रीय अनुभव और प्रशिक्षण
अनिल कुमार जैन ने तकनीकी दक्षता बढ़ाने के लिए जापान में ‘हैवी हॉल ट्रांसपोर्ट सिस्टम’ पर विशेष प्रशिक्षण लिया है। इसके अलावा वे दक्षिण कोरिया और जापान में मेट्रो रेल प्रोजेक्ट्स के डिजाइन से जुड़े कार्यों में भी शामिल रहे हैं। वे रिलायबिलिटी इंजीनियरिंग के विशेषज्ञ माने जाते हैं।
टाटानगर और चक्रधरपुर प्रोजेक्ट्स को मिलेगा लाभ
SER जोन के अंतर्गत आने वाले टाटानगर रेलवे स्टेशन और चक्रधरपुर मंडल में कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और स्टेशन पुनर्विकास परियोजनाएं चल रही हैं। जैन के अनुभव और तकनीकी दृष्टिकोण से इन परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
यात्रियों और माल ढुलाई को होगा फायदा
उनके नेतृत्व में रेलवे की यात्री सुविधाओं में सुधार, ट्रेनों की गति में वृद्धि और माल ढुलाई क्षमता के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। जापानी तकनीक और आधुनिक इंजीनियरिंग अनुभव का लाभ पूरे जोन को मिलने की संभावना है।



