
Ranchi. झारखंड सरकार राज्य में कथित परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ रविवार को छठे दौर की बातचीत करेगी, जिसके बाद ही कोई अंतिम फैसला लिया जाएगा। प्रदर्शनकारियों के साथ संवाद के लिए गठित समिति में शामिल एक सदस्य ने यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ चार घंटे तक बैठक करने के बाद सदस्य ने बताया कि बातचीत दोपहर करीब 12 बजे होगी। समिति ने मुख्यमंत्री को प्रदर्शनकारियों के साथ हुई पिछली पांच दौर की बातचीत में हुई प्रगति के बारे में जानकारी दी। समिति सदस्य और ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा, हमने मुख्यमंत्री को आज और एक दिन पहले छात्र संगठनों के प्रतिनिधिमंडलों के साथ हुई विभिन्न दौर की बैठकों में सामने आए छात्रों के विचारों तथा मांगों से अवगत कराया। उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री के साथ बैठक में यह फैसला लिया गया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ अंतिम दौर की बातचीत रविवार को दोपहर 12 बजे होगी।
समिति के एक अन्य सदस्य और मंत्री संजय प्रसाद यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक में झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) तथा झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) में व्यापक सुधार की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत जारी रखने का फैसला लिया गया। सिंह और यादव के अलावा, मंत्री चमरा लिंडा और सुदिव्य कुमार भी बैठक में मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग कथित अनियमितताओं की सीबीआई या फिर किसी दूसरे राज्य के उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की एक समिति से स्वतंत्र जांच कराना शामिल है।
झारखंड सरकार ने शुक्रवार रात से विभिन्न प्रदर्शनकारी संगठनों के साथ पांच दौर की बातचीत की है, लेकिन गतिरोध खत्म नहीं हो सका। प्रदर्शन कर रहे नौकरी अभ्यर्थियों ने फैसला किया है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। सरकार की समिति ने सबसे पहले झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के नेता देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व वाले प्रदर्शनकारियों के गुट से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस समर्थित एनएसयूआई, एसीएस और जेसीएम के प्रतिनिधिमंडलों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। शुक्रवार रात को सरकार ने जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच के प्रतिनिधिमंडल के साथ भी इसी तरह की बातचीत की थी।
जेपीएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मामले में अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल खियांगते से 28 जुलाई से अब तक चार बार पूछताछ की जा चुकी है।
