
जमशेदपुर |
राज्य के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन को मंगलवार को जमशेदपुर में छात्र विरोध का सामना करना पड़ा। यह विरोध हाल ही में राज्य सरकार द्वारा लागू की जा रही नई शिक्षा नीति के तहत इंटर कॉलेजों की पढ़ाई स्कूलों में स्थानांतरित करने के फैसले को लेकर था।
शिक्षा मंत्री माइकल जॉन सभागार, बिस्टुपुर में आयोजित जिला शिक्षा विभाग के छात्र सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे। समारोह समाप्ति के बाद जैसे ही मंत्री बाहर निकले, 12वीं में पढ़ने वाले छात्रों ने उनका घेराव कर अपनी मांगों से जुड़ा एक ज्ञापन सौंपा।
छात्रों का कहना है कि वे वर्तमान में शहर के विभिन्न इंटर कॉलेजों में 12वीं की पढ़ाई कर रहे हैं, और उनका सत्र 2025 में समाप्त हो जाएगा। ऐसे में नई शिक्षा नीति के तहत उन्हें स्कूलों में स्थानांतरित करना न केवल अनुचित है, बल्कि उनकी पढ़ाई और मनोबल पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालेगा।
छात्रों के मुताबिक नई शिक्षा नीति 2020 को राज्य में 2026 तक पूरी तरह लागू किया जाना है, और जब तक उनका सत्र समाप्त नहीं हो जाता, तब तक उन्हें अपने वर्तमान कॉलेज में ही पढ़ाई पूरी करने की अनुमति दी जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अचानक कॉलेज से स्कूल में ट्रांसफर करना उनके करियर और परीक्षाओं की तैयारी को प्रभावित कर सकता है।
शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन ने छात्रों की बात गंभीरता से सुनने के बाद आश्वासन दिया कि इस मामले को शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श कर जल्द हल निकाला जाएगा। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे जिला शिक्षा कार्यालय का घेराव कर वृहद आंदोलन करेंगे।
गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा इंटर कक्षाओं को स्कूलों में शिफ्ट करने की प्रक्रिया जारी है, जिसका उद्देश्य व्यवस्थागत सुधार बताया जा रहा है। लेकिन मौजूदा सत्र के छात्रों ने इसे शिक्षा के हित में असमय और जल्दबाज़ी का फैसला बताया है।
