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Tanishq Jewellery Loot: तनिष्क के आभूषणों के शोरूम में लूट की साजिश पुरुलिया जेल में बंद दो गैंगस्टरों शेरू सिंह और चंदन ने रची थी, बिहार पुलिस ने किया खुलासा

Patna. बिहार पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने राज्य के तीन जिलों में आभूषणों के शोरूम में लूट के मामलों की जांच में खुलासा किया कि इन अपराधों की साजिश पश्चिम बंगाल की पुरुलिया जेल में बंद दो गैंगस्टरों ने रची थी. एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी. अधिकारी ने बताया कि एसटीएफ ने हिरासत में लिए गए दोनों आरोपियों शेरू सिंह उर्फ ओंकार नाथ सिंह और चंदन उर्फ प्रिंस को बिहार लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

तीन जिलों में लूटकांड में शामिल गिरोह के सरगना हैं दोनों

एसटीएफ के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) कुंदन कृष्णन ने बताया कि जांच में सामने आया कि सिंह और चंदन दोनों भोजपुर, पटना और पूर्णिया जिलों में आभूषणों के शोरूम में लूट की हाल की घटनाओं में शामिल गिरोह के सरगना हैं. पुलिस ने अब तक बिहार, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, हरियाणा, छत्तीसगढ़ और जम्मू-कश्मीर के विभिन्न शहरों से आभूषणों के शोरूम में लूट की हालिया घटनाओं में शामिल गिरोह के 17 सदस्यों को गिरफ्तार किया है.

अधिकारी ने बताया कि इसके अलावा बिहार के अररिया और सारण जिलों में पुलिस के साथ मुठभेड़ के बाद तीन और अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है. हालांकि एक आरोपी चुनमुन झा ने 22 मार्च को दम तोड़ दिया था.

उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किये गये गिरोह के सभी सदस्य 10 मार्च को आरा (भोजपुर), 31 जनवरी को दानापुर और पिछले वर्ष जुलाई महीने में पूर्णिया में आभूषणों के शोरूम में लूटपाट के मामले में वांछित थे.

पुरुलिया जेल में की गयी थी छापामारी

अधिकारी ने बताया कि जांच में पता चला कि बिहार के तीन जिलों में आभूषणों के शोरूम को लूटने की साजिश पुरुलिया जेल में बंद शेरू सिंह और चंदन ने रची थी. जांच के दौरान एसटीएफ अधिकारियों की एक टीम ने पुरुलिया जेल में चंदन के कब्जे से एक मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए थे.

उन्होंने बताया कि बिहार में चंदन के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं, इसलिए उसे विस्तृत पूछताछ के लिए यहां लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

दोनों चलाते हैं अंतरराज्यीय गिरोह

अधिकारी ने बताया कि दोनों आरोपी एक अंतरराज्यीय गिरोह चलाते हैं और पुलिस ने अब तक गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 2.5 किलो सोना, तीन तमंचे, एक राइफल और सात कारतूस बरामद किए हैं.

उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए अधिकांश आरोपी आदतन अपराधी हैं. पुलिस जल्द ही मौजूदा कानून के अनुसार उनकी संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू करेगी. अधिकारी ने बताया कि जांच में यह भी पाया गया कि गिरोह ज्यादातर बिहार के भोजपुर, वैशाली और समस्तीपुर से बेरोजगार युवकों को भर्ती करता है. हम माता-पिता से अपने बच्चों की गतिविधियों के प्रति सतर्क रहने का आग्रह करते हैं.

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