


Mumbai. टाटा मोटर्स ने अपने कॉमर्शियल व्हीकल बिजनेस को अलग करने का फैसला लिया है. इसके लिए डीमर्जर की तारीख का भी ऐलान कर दिया गया है. नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ने बीते सप्ताह इस डीमर्जर योजना के लिए अपना फैसला सुरक्षित रखा था. वहीं, कंपनी ने 2024 में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की मंजूरी के बाद डीमर्जर प्लान की घोषणा की थी. यह डीमर्जर 1 अक्टूबर 2025 से लागू होगा. इसके तहत टाटा मोटर्स दो अलग-अलग कंपनियों में विभाजित हो जाएगी. इनमें एक कंपनी कॉमर्शियल व्हीकल का प्रोडक्शन करेगी, जबकि दूसरी पैसेंजर व्हीकल का उत्पादन करेगी. कंपनी के इस कदम से निवेशकों को दोनों सेगमेंट में अलग-अलग निवेश करने का मौका मिलेगा.
दो यूनिट्स में बंट जाएगा बिजनेस
टाटा मोटर्स की कॉमर्शियल व्हीकल यूनिट कमर्शियल व्हीकल्स लिमिटेड नाम से जाना जाएगा, जबकि पैसेंजर व्हीकल यूनिट टाटा मोटर्स के तहत ही काम करेगी. इसका नाम बदलकर टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड कर दिया जाएगा. इसमें इलेक्ट्रिक व्हीकल डिवीजन और जगुआर लैंड रोवर शामिल है. ये दोनों कंपनियां इन्हीं नामों के साथ बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट होंगी.
इस रेश्यो में होगा शेयर होंगे अलॉट
टाटा मोटर्स यह डीमर्जर 1:1 रेश्यो में करेगी. मतलब कंपनी के हर एक शेयर के बदले डीमर्ज्ड कंपनी (कमर्शियल व्हीकल्स) का एक शेयर मिलेगा. कंपनी जल्द ही स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग के जरिए रिकॉर्ड डेट भी ऐलान करेगी. इस रिकॉर्ड डेट से कॉर्पोरेट एक्शन के लिए पात्र शेयरधारकों की पहचान की जाएगी. इसके बाद शेयर एक्स-ट्रेड होगा, जिससे उसकी कीमत में डीमर्जर का प्रभाव देखने को मिलेगा.



