
NEW DELHI. ऑटो सेक्टर की दिग्गज कंपनी टाटा मोटर्स का स्टॉक बीते 6 महीनों में करीब 40 फीसदी कमजोर हो चुका है. नियर टर्म का आउटलुक चुनौतियों भरा है. इस बीच ब्रोकरेज हाउस CLSA ने टाटा मोटर्स के स्टॉक पर अपनी रेटिंग को अपग्रेड करते हुए हाई कन्विक्शन आउटपरफॉर्म कर दिया है. वहीं शेयर के लिए 930 रुपये का हाई टारगेट प्राइस दिया है, जो करंट प्राइस 674 रुपये की तुलना में 40 फीसदी ज्यादा है. ब्रोकरेज का मानना है कि एक तो शेयर में अच्छा खासा डिस्काउंट हो चुका है और यह वैल्युएशन वाजिब दिख रहा है. वहीं और भी कुछ फैक्टर इसे निवेश के लिए आकर्षक बना रहे हैं.
ब्रोकरेज हाउस का कहना है कि नियर टर्म आउटलुक को लेकर चिंता है, लेकिन टाटा मोटर्स का स्टॉक बीते 6 महीने में करीब 40 फीसदी डिस्काउंट पर आ गया है. अभी स्टॉक का वैल्युएशन आकर्षक है, जिसके चलते इसमें खरीदारी करने की गुंजाइश बनती है. टाटा मोटर्स (TTMT) ने वित्त वर्ष 2025-26 में प्रमुख बाजारों और घरेलू एचसीवी/पीवी में JLR की कमजोर डिमांड आउटलुक के कारण पिछले 6 महीनों में 40 फीसदी के करीब गिरावट दर्ज की है. इसके अलावा, यूरोपीय संघ से अमेरिका में इंपोर्ट ड्यूटी लागू होने और अमेरिका में JLR रिटेल (25% रिटेल सेल्स) को प्रभावित करने का रिस्क भी इस करेक्शन के साथ जुड़ा है.
CLSA की रिपोर्ट के अनुसार JLR वर्तमान समय में 1.2x FY27CL EV/EBITDA पर कारोबार कर रहा है, जो इसके 2.5x के नॉर्मेटिव मल्टीपल से काफी कम है. कुछ फ्लैट ईयर्स के बाद JLR से 7% वॉल्यूम, FY26-27CL के लिए 8.8% एवरेज EBIT मार्जिन, FY26-27CL के लिए GBP4.4bn का एवरेज कैपेक्स की उम्मीद है. ब्रोकरेज का मानना है कि वित्त वर्ष 2027 में, दो साल के लिए 1 बिलियन पाउंड से कम फ्री कैश फ्लो दर्ज करने के बाद JLR का फ्री कैश फ्लो 1.7 बिलियन पाउंड हो सकता है. आज की प्राइस पर JLR का इम्प्लॉइड वैल्यू 73,000 करोड़ रुपये (200 रुपये प्रति शेयर) है, जबकि एसओटीपी में ब्रोकरेज का टारगेट वैल्युएशन 450 रुपये प्रति शेयर है. जिसके चलते यह आकर्षक 23 फीसदी एफसीएफ यील्ड पर आपरेट कर रहा है. इस तरह से अमेरिकी टैरिफ में बढ़ोतरी के प्रभाव और डिमांड व मार्जिन उम्मीद से कमजोर होने के खिलाफ पर्याप्त राहत मिलती है.
ब्रोकरेज हाउस ने वित्त वर्ष 2026 में टाटा मोटर्स के लिए गुड्स एमएंडएचसीवी में 5 फीसदी की गिरावट का अनुमान लगाया है, जो इंडस्ट्री आउटलुक के अनुरूप है, जिससे वहां नंबर्स में कटौती की सीमित गुंजाइश रह गई है. मीडियम एंड हैवी कमर्शियल व्हीकल के लिए कुछ सालों में नरमी के बाद, हमारा मानना है कि वित्त वर्ष 27 से साइक्लिक रिवाइवल दिखेगा. जैसे ही हम वित्त वर्ष 26 में एंट्री करेंगे, कीमतें कम होना शुरू हो जाएंगी.
CLSA रिपोर्ट के अनुसार JLR CY26 के मिड से अपने ईवी लॉन्च करने वाला है. ईवी मॉडल विकसित करने पर ध्यान देने के साथ वित्त वर्ष 2025 में 3.7 बिलियन पाउंड के कैपेक्स के साथ, JLR वित्त वर्ष 2025 में 1 बिलियन पाउंड का फ्री कैश फ्लो एग्जीक्यूट करने के लिए आश्वस्त है. इस तरह, 325000 यूनिट सालाना के निचले एफसीएफ ब्रेकईवन वॉल्यूम स्तर के साथ, JLR को निगेटिव एफसीएफ देने के लिए 20 फीसदी वॉल्यूम गिरावट की जरूरत है.
वहीं, ब्रोकरेज के अनुसार सीवी साइकिल में गिरावट की लिमिट पहले की अपेक्षा बहुत सीमित है. सीवी इंडस्ट्री के पियर अशोक लेलैंड के आम सहमति अनुमानों को देखते हुए वित्त वर्ष 2026 में सीवी स्पेस में ग्रोथ की उम्मीद है, इसके बाद मार्जिन में कोई कटौती नहीं होगी. सीवी के लिए इस आउटलुक को टाटा मोटर्स के लिए एक पॉजिटिव फैक्टर के रूप में देखा जा रहा है.
