
New Delhi. टाटा पावर ने बिजली उत्पादन, पारेषण, वितरण, नवीकरणीय ऊर्जा और विनिर्माण सहित अपने सभी कारोबारी क्षेत्रों में विस्तार के साथ 2030 तक एक लाख करोड़ रुपये का राजस्व और 10,000 करोड़ रुपये का लाभ हासिल करने का लक्ष्य रखा है। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का एकीकृत राजस्व 63,681 करोड़ रुपये और शुद्ध लाभ 5,212 करोड़ रुपये रहा।
टाटा पावर के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने मंगलवार को सालाना आम बैठक (एजीएम) में कहा कि कंपनी ओडिशा में 10 गीगावाट की नई परियोजना जोड़कर सौर उपकरण विनिर्माण क्षमता का विस्तार करने की भी योजना बना रही है। इस परियोजना की औपचारिक घोषणा अगले कुछ महीनों में की जाएगी। कंपनी की वर्तमान में तमिलनाडु के तिरुनेलवेली में सौर सेल और मॉड्यूल विनिर्माण क्षमता 4.3 गीगावाट (एक गीगावाट बराबर 1000 मेगावाट) है, जो बेंगलुरु संयंत्र को मिलाकर 4.9 गीगावाट हो जाती है।
एजीएम में प्रश्नोत्तर सत्र के दौरान चंद्रशेखरन ने कहा,‘ कंपनी ने 2030 तक 10,000 करोड़ रुपये का मुनाफा और एक लाख करोड़ रुपये का राजस्व हासिल करने का लक्ष्य रखा है। टाटा पावर आज आवासीय तथा वाणिज्यिक एवं औद्योगिक (सीएंडआई) ग्राहकों को स्वच्छ और हरित समाधान अपनाने में सक्षम बनाकर ‘एनर्जी ऐज ए सर्विस’ (सेवा के तौर पर ऊर्जा) दृष्टिकोण की अगुवाई कर रही है।’’
