


Mumbai. टाटा संस और एयर इंडिया के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने एयर इंडिया के कर्मचारियों का सोमवार को हौंसला बढ़ाया. उन्होंने कहा कि उन्हें आगे बढ़ते रहना चाहिए और जो कुछ भी हम करते हैं, उसमें दृढ़ निश्चयी होना चाहिए. एयर इंडिया के एक विमान के अहमदाबाद में पिछले सप्ताह दुर्घटनाग्रस्त होने के मद्देनजर उन्होंने यह बात कही और इस दुर्घटना को अपने ‘करियर’ का सबसे दिल दहला देने वाला संकट बताया. चंद्रशेखरन ने गुरुग्राम स्थित एयर इंडिया मुख्यालय एवं एयर इंडिया प्रशिक्षण अकादमी में करीब 700 कर्मचारियों व नेतृत्व दल को संबोधित करते हुए कहा कि कर्मचारियों को दृढ़ता दिखाने की जरूरत है और इस घटना से सबक लेते हुए एक ‘सुरक्षित विमानन कंपनी’ बनाने की राह पर बढ़ना चाहिए.
चंद्रशेखरन ने कहा कि हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हम आगे बढ़ते रहें। हम जो भी करें, उसमें और दृढ़ निश्चयी रहें। हमें जांच के पूरी होने का इंतजार करना होगा, ताकि घटना के कारणों का पता चल सके.सूत्रों के अनुसार उन्होंने कहा कि मैंने अपने करियर में काफी संकट देखे हैं, लेकिन यह सबसे दुखद घटना है. मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे ऐसा दिन देखना पड़ेगा. एयर इंडिया का विमान – बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर 12 जून को लंदन के लिए उड़ान भरते ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें 270 से अधिक लोगों की मौत हो गई. नागर विमानन मंत्री के राममोहन नायडू ने रविवार को दुर्घटना के कारणों की जांच के लिए एक समिति गठित करने की घोषणा की थी.
सूत्रों के अनुसार चंद्रशेखरन ने एयर इंडिया मुख्यालय में आपातकालीन कमांड सेंटर, एकीकृत संचालन कमांड सेंटर और ग्राहक सेवा तथा सहायता केंद्र का दौरा किया. उन्होंने कर्मचारियों से कहा,मैं जो कुछ भी कहूंगा और जो कुछ भी करूंगा, उससे लोगों की जान वापस नहीं आएगी। जो लोग प्रभावित हुए हैं, वे बहुत लंबे समय तक दर्द महसूस करेंगे. लेकिन हमें उनमें से प्रत्येक की मदद करने के लिए मानवीय रूप से जितना संभव हो सबसे अच्छा प्रयास करना होगा.
चंद्रशेखरन ने कहा कि यह इस बारे में बात करने का समय नहीं है कि हम क्या करेंगे, लेकिन मैं यह कहना चाहता हूं कि हम उन सभी लोगों को हमेशा के लिए अपना परिवार मानेंगे, जिन्होंने किसी को खो दिया है. उन्होंने कर्मचारियों से मजबूत बनने का आग्रह किया और कहा कि इस दुर्घटना के बाद एक सुरक्षित एयरलाइन बनाने का संकल्प लेना होगा.



