



Jamshedpur.टाटा स्टील के कर्मचारियों का बोनस समझौता गुरुवार को हो गया.तय फार्मूला के आधार पर मिलने वाले 272.83 करोड़ रुपये से अधिक 303.13 करोड़ रुपये मिले. 30 करोड़ 30 लाख रुपये ज्यादा बोनस कंपनी प्रबंधन की ओर से दिया गया. इससे कंपनी के करीब 25 हजार कर्मचारियों को लाभ मिलेगा. इस साल कर्मचारियों को 16.68% बोनस मिलेगा, जो पिछले साल के 17.89% से कम है. टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष ने बताया कि कंपनी प्रबंधन के साथ बोनस समझौते में प्रस्तावित राशि 6 सितंबर तक सभी के बैंक खाते में आ जाएगी. टाटा स्टील के एमडी सह सीईओ टीवी नरेंद्रन और टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी समेत दोनों पक्षों के अधिकारियों ने कंपनी परिसर स्थित एमडी कार्यालय में बोनस समझौते पर हस्ताक्षर किए.
टाटा स्टील की सभी इकाइयों के अलावा कलिंगानगर के कर्मचारियों को भी प्रस्तावित राशि मिलेगी. टाटा स्टील के कर्मचारियों को इस साल भी पिछले साल जितना ही बोनस मिलेगा. पुराने फॉर्मूले के अनुसार, इस साल बोनस राशि 273 करोड़ रुपये तय की गई थी, जो पिछले साल के 303.13 करोड़ रुपये से कम थी. यह अंतर कंपनी के मुनाफे में कमी के कारण आया. पिछले वित्तीय वर्ष में कंपनी का मुनाफा 11,275.09 करोड़ रुपये था, जबकि इस साल यह घटकर 9,255 करोड़ रुपये रह गया. लेकिन लगातार बातचीत और यूनियन के अनुरोध के बाद प्रबंधन बोनस राशि बढ़ाकर 303.13 करोड़ रुपये करने पर सहमत हो गया.

कर्मचारियों में नाराजगी भी
इस साल बोनस की कुल रकम 303.12 करोड़ रुपये है.
कर्मचारियों को 20% तक बोनस मिलने की उम्मीद थी, लेकिन इस बार उनकी आशाएँ पूरी नहीं हो सकीं बोनस में कमी से टाटा स्टील के कर्मचारियों में नाराजगी है. कर्मचारी बताते हैं कि पिछले दो सालों में कंपनी ने उन्हें 20% तक बोनस दिया था. हालांकि, टाटा वर्कर्स यूनियन इस बार कर्मचारियों की उम्मीद के मुताबिक कुछ खास कर पाने में सफल नहीं रही. बोनस में यह कमी साल दर साल घटती जा रही है और इसके कारण कर्मचारियों में निराशा है. कई कर्मचारी इसे भी पर्याप्त मानते हुए खुश हैं, लेकिन कई लोग अब खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर करने से कतराते हैं. कर्मचारियों का मानना है कि इस बोनस का असर आने वाले टाटा वर्कर्स यूनियन के चुनाव पर पड़ सकता है.



