Jamshedpu. टाटा स्टील के मासिक वर्चुअल संवाद कार्यक्रम ‘एमडी ऑनलाइन’ के दौरान टाटा स्टील के सीईओ सह एमडी टी.वी. नरेंद्रन ने जमशेदपुर, कलिंगनगर, मेरामंडली और माइंस-कोलियरी सहित सभी संयंत्रों के सुरक्षा मानकों और उत्पादन की गहन समीक्षा की। पिछले माह हुई एक दुर्भाग्यपूर्ण जानलेवा दुर्घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने सभी विभागों को सेफ्टी एसओपी (SOP) का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए।

साथ ही, ब्लास्ट फर्नेस शटडाउन के कारण क्रूड स्टील उत्पादन में आए 120 किलो टन के घाटे की भरपाई नवंबर माह में करने का लक्ष्य तय किया। संवाद के दौरान कलिंगनगर से प्रमोद सिंह ने काली पूजा के दौरान सड़क बंद होने और गड्ढों के कारण कर्मचारियों को होने वाली आवाजाही की समस्या उठाई। इस पर वीपी सुंदरा रामम ने बताया कि गड्ढों में स्लैग भरकर प्राथमिक मरम्मत की गई है और स्थाई समाधान के लिए स्थानीय प्रशासन व सरकार से बात की जा रही है।

29 नवंबर को ‘रन फॉर ग्रीन‘
29 नवंबर को ‘रन फॉर ग्रीन’ का आयोजन होगा
इस वर्ष का आयोजन न केवल स्वास्थ्य और पर्यावरण के प्रति जागरूकता का प्रतीक होगा, बल्कि इसमें भाग लेने वाले धावकों के लिए कई नई और बेहतर सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
टाटा स्टील के मासिक वर्चुअल संवाद कार्यक्रम ‘एमडी ऑनलाइन’ के दौरान कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट (कॉर्पोरेट सर्विसेज) डी.बी. सुंदरा रामम ने यह जानकारी दी। कार्यक्रम में कंपनी के कर्मचारी और मैराथन धावक श्रीनिवासन ने रूट पर टॉयलेट की अनुपलब्धता का मुद्दा उठाया था। उन्होंने बताया कि देशभर से आने वाले धावकों को टॉयलेट की सुविधा न होने से काफी असुविधा होती है, जिससे शहर की छवि पर भी प्रभाव पड़ता है।
इस सुझाव पर प्रतिक्रिया देते हुए वीपी सुंदरा रामम ने आश्वस्त किया कि इस बार मैराथन रूट पर पुरुष और महिला धावकों के लिए अलग-अलग टॉयलेट की पुख्ता व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा, पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष मैराथन को प्लास्टिक मुक्त बनाने की पहल की गई है। रूट पर प्लास्टिक की बोतलों की जगह बायो-डिग्रेडेबल पानी के ग्लास या बोतलें उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे और सफाई में लगने वाले समय की बचत हो सके।

