


Jamshedpur. टाटा स्टील ने ऑपरेशन को और बेहतर बनाने के लिए वर्क परमिट जारी करने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने की पहल की है. कंपनी की ओर से आवश्यक कदम उठाये गये हैं ताकि वर्क परमिट जारी करने में देरी न हो और साइकिल टाइम पर असर न पड़े. इससे उत्पादन क्षमता और कार्यकुशलता को बनाये रखने में मदद मिलेगी. टाटा स्टील के एमडी सह सीइओ टीवी नरेंद्रन ने इस संबंध में सर्कुलर जारी किया है. इसके तहत एक सेंट्रल स्क्वायड का गठन किया गया है, जो वर्क परमिट प्रक्रिया की समीक्षा करेगी और जरूरत पड़ने पर संशोधन लागू करेगी. इसका उद्देश्य प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सरल बनाना है ताकि अनुबंधों के क्रियान्वयन में तेजी लायी जा सके और सुरक्षा मानकों को सुदृढ़ किया जा सके.
टाटा स्टील जमशेदपुर में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में गठित टास्क फोर्स में टाटा स्टील के चीफ सेफ्टी नीरज सिन्हा के अलावा दिनेश बालाकृष्णन, ज्ञान प्रकाश, कुमार सानु, सौरभ गोयल, सुमित कुमार सिंह, सुनील कुमार, उदित कुमार आचार्या, तुषार गौतम और देवी प्रसाद मिश्रा को शामिल किया गया है. ये सदस्य शॉप फ्लोर के बारे में इनपुट देंगे, ताकि प्रोसेस को सरल बनाया जा सके.
प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए सेंट्रल स्क्वायड टीम को मदद करने के लिए एक दूसरी टीम होगी, जिसमें अमित बिक्रम सेनगुप्ता, अमित कुमार, बसंत कुमार सिंह, देवज्योति रॉय, हितेश शाह, प्रसन्नजीत दत्ता, रजत मधुर, राकेश कुमार, विक्रम सिंह शेखावत और विनोद कुमार को शामिल किया गया है. वीपी (सेफ्टी) और वीपी (वन शेयर्ड सर्विसेस) इस प्रोजेक्ट के प्रोग्रेस को मोनिटर करेंगे. यह टीम 31 मार्च 2026 तक अपनी रिपोर्ट देगी.



