
Jamahedpur. टाटा स्टील अपने जमशेदपुर संयंत्र में इलेक्ट्रिकली-एसिस्टेड सिनगैस स्मेलटर (ईसीमेल्ट) प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करेगी जिससे कार्बन उत्सर्जन में 50 प्रतिशत की कटौती संभव होगी।
साल 2045 तक नेट जीरो उत्सर्जन का लक्ष्य रखने वाली टाटा स्टील ने मंगलवार को एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि उसने इस प्रौद्योगिकी के लिए एसएमएस समूह की कंपनी पॉल वुर्थ के साथ अंतिम समझौता किया है। दुनिया में पहली बार इस तकनीक का औद्योगिक स्तर पर कार्यान्वयन होगा।
