
New Delhi.टाटा स्टील की चालू वित्त वर्ष में भारत, ब्रिटेन और नीदरलैंड में अपने परिचालन के लिए 15,000 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय की योजना है. कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी.टाटा स्टील के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक टी वी नरेंद्रन और कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य वित्त अधिकारी कौशिक चटर्जी ने कहा कि कुल राशि में से करीब 80 प्रतिशत भारत में चल रही परियोजनाओं पर खर्च की जाएगी.
नरेंद्रन ने कहा, ‘वित्त वर्ष 2025-26 के लिए हम 15,000 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय की उम्मीद कर रहे हैं. चटर्जी ने इस बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि घरेलू परिचालन के लिए 11,000 करोड़ रुपये की योजना बनाई गई है, जबकि ब्रिटेन के लिए लगभग 1,900 करोड़ रुपये और शेष राशि नीदरलैंड के लिए निर्धारित है. टाटा स्टील का पूंजीगत व्यय चौथी तिमाही में 3,220 करोड़ रुपये और पूरे वित्त वर्ष 2024-25 में 15,671 करोड़ रुपये था.
कंपनी को ब्रिटेन में पोर्ट टैलबोट में इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस (ईएएफ) परियोजना के लिए अनुमति मिल गई है और जुलाई, 2025 में इसपर काम शुरू हो जाएगा. टाटा स्टील के पास ब्रिटेन के साउथ वेल्स के पोर्ट टैलबोट में 30 लाख टन प्रति वर्ष की क्षमता वाली इकाई है. कार्बन उत्सर्जन को कम करने के अपने प्रयासों के तहत, कंपनी ब्लास्ट फर्नेस मार्ग से कम उत्सर्जन वाली इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस प्रक्रिया में बदलाव कर रही है, जिसमें स्थानीय रूप से उपलब्ध कबाड़ का उपयोग किया जाएगा.
नीदरलैंड में, टाटा स्टील के पास आईमोइडेन में एक स्टील विनिर्माण संयंत्र है. इस संयंत्र में वित्त वर्ष 2024-25 में अनुमानित 67.5 टन सालाना तरल इस्पात का उत्पादन हुआ.
