


New Delhi. टाटा स्टील ने मंगलवार को बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान भारत में उसका कच्चे इस्पात का उत्पादन आठ प्रतिशत बढ़कर 2.34 करोड़ टन रहा, जो अब तक का सर्वाधिक वार्षिक उत्पादन है. कंपनी ने बताया कि उत्पादन में यह वृद्धि मुख्य रूप से उसके कलिंगनगर संयंत्र में परिचालन बढ़ने के कारण हुई है. टाटा स्टील के अस्थायी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 25-26 की चौथी तिमाही में कच्चे इस्पात का उत्पादन पिछले साल की समान तिमाही के 54.4 लाख टन से बढ़कर 62.5 लाख टन हो गया. उत्पादन के साथ-साथ भारत में कंपनी की वार्षिक आपूर्ति भी बढ़कर 2.25 करोड़ टन तक पहुंच गई.
टाटा स्टील ने शेयर बाजारों को दी जानकारी में कहा, ‘घरेलू स्तर पर हमारी आपूर्ति पहली बार दो करोड़ टन के आंकड़े को पार कर गई है, जो बाजार में हमारी मजबूत स्थिति और ग्राहकों के साथ गहरे संबंधों को दर्शाता है. कंपनी के अनुसार, वित्त वर्ष 25-26 की चौथी तिमाही में वार्षिक आधार पर आपूर्ति में 10 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है. वाहन और विशेष उत्पाद श्रेणी में 34 लाख टन की रिकॉर्ड वार्षिक आपूर्ति दर्ज की गई, जबकि ब्रांडेड उत्पादों और खुदरा खंड ने 73 लाख टन का स्तर छुआ.
इसके अलावा, औद्योगिक उत्पाद और परियोजना श्रेणी की आपूर्ति 72 लाख टन रही. टाटा स्टील थाइलैंड का बिक्री योग्य इस्पात उत्पादन वित्त वर्ष 2025-26 में 13.3 लाख टन रहा और आपूर्ति 13.2 लाख टन रही. थाइलैंड के घरेलू बाजार में सरिये की भारी मांग रहने से कंपनी की कुल आपूर्ति में पिछले साल के मुकाबले 11 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई.



