


जमशेदपुर : टाटा स्टील की 100 प्रतिशत सब्सिडियरी कंपनी टाटा स्टील UISL के प्रबंध निदेशक (एमडी) ऋतुराज सिन्हा (58 वर्ष) का रविवार को अचानक निधन हो गया। सुबह अपने आवास में रहते समय उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और खून की उल्टी व नाक से रक्तस्राव होने लगा। परिजनों और सहयोगियों ने उन्हें तुरंत टाटा मुख्य अस्पताल (TMH) पहुँचाया। डॉक्टरों ने जांच के बाद दोपहर 1:56 बजे मृत घोषित कर दिया। उनके निधन की खबर से कॉरपोरेट जगत में शोक की लहर फैल गई।
मृदुभाषी और प्रेरणादायी नेतृत्वकर्ता
ऋतुराज सिन्हा अपने शांत स्वभाव, सरलता और मिलनसार व्यक्तित्व के लिए व्यापक रूप से सम्मानित थे। टाटा स्टील प्रबंधन ने उनके निधन की पुष्टि करते हुए कहा कि वे संगठन के लिए प्रेरणादायक और प्रभावशाली नेतृत्वकर्ता थे। सहकर्मियों के अनुसार, वे हमेशा टीमवर्क, संवाद और पारदर्शिता को प्राथमिकता देते थे। उनकी कार्यशैली ने कंपनी के कई विभागों में नई ऊर्जा और सकारात्मकता लाई।
शहर के विकास और नागरिक सुविधाओं में बड़ा योगदान
टाटा स्टील और उसकी विभिन्न इकाइयों में अपने लंबे कार्यकाल के दौरान सिन्हा ने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाईं। जमशेदपुर में नागरिक सुविधाओं के उन्नयन, नई परियोजनाओं और आधुनिक शहरी सेवाओं को लागू करने में उनकी भूमिका बेहद अहम रही। शहर के बुनियादी ढांचे के विकास, कचरा प्रबंधन, पानी-निकासी व्यवस्था, सड़क सुरक्षा और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं में उनके योगदान को विशेष रूप से याद किया जाएगा।
कॉरपोरेट से लेकर राजनीतिक जगत में शोक की लहर
निधन की सूचना मिलते ही टाटा स्टील के अधिकारी, टाटा वर्कर्स यूनियन और टाटा स्टील यूटिलिटीज यूनियन के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में TMH पहुँचे। सभी ने इसे उद्योग जगत और जमशेदपुर शहर के लिए बड़ी क्षति बताया।
जमशेदपुर (पश्चिम) के विधायक सरयू राय ने कहा—
“उनके न रहने से शहर की जनसुविधा सुधार के प्रयासों को बड़ा झटका लगा है। वे एक कुशल प्रबंधक थे। ॐ शांति।”
वहीं झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी ने शोक जताते हुए कहा—
“यह उद्योग जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति दें।”



