


Jamshedpur. टाटा स्टील की ओर से बिजली की दर में वृद्धि के प्रस्ताव पर गोलमुरी क्लब में जन सुनवाई की गयी. इसमें बताया गया कि बिजली की खरीद और मैनपावर पर भी अधिक खर्च हो रहा है. लिहाजा, बिजली को महंगा करना पड़ेगा, ताकि बिजली व्यवस्था को दुरुस्त किया जा सके. झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग के विधि सदस्य महेंद्र कुमार और सदस्य तकनीक अतुल कुमार ने सुनवाई की. इस दौरान टाटा स्टील की ओर से पदाधिकारी सुमन मंडल ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से नये टैरिफ की जानकारी दी. इस दौरान कर्मचारियों ने कई सारे सवाल वहां मौजूद उपभोक्ताओं ने किया.
हालांकि, अधिकांश लोगों ने टाटा स्टील की बिजली आपूर्ति की तारीफ की और सिस्टम को दुरुस्त करने के लिए कई सारे सुझाव भी दिये. इस दौरान लोगों के सवालों का जवाब टाटा स्टील के बिजली के सीनियर जीएम बीपी सिंह ने दिये. जनसुनवाई के दौरान आयोग के सदस्यों ने कहा कि मामले की सुनवाई की गयी है.
इससे पहले टाटा स्टील और टाटा स्टील यूआइएसएल की ओर से दिसंबर 2023 में ही बिजली की नयी टैरिफ दी गयी थी, जिसे मंजूरी दी गयी थी. कंपनी ने बाद में फिर से बिजली टैरिफ बढ़ाने का प्रस्ताव दिया था, तो जून 2024 में इसको खारिज कर दिया गया था और बिजली टैरिफ बढ़ाने से इनकार कर दिया था. अब एक बार फिर से बिजली की टैरिफ में बढ़ोतरी करने का प्रस्ताव दे दिया गया है.



