
Patna. राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख लालू प्रसाद के छोटे बेटे तेजस्वी यादव को रविवार को यहां हुई पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया। हाल में हुए विधानसभा चुनाव में राजद की करारी हार हुई थी, जिसमें ‘महागठबंधन’ ने 36 वर्षीय नेता तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में खड़ा करके चुनाव लड़ा था। राजद ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि यह निर्णय पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में लिया गया, जिसमें यादव, प्रसाद और अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
यादव की सबसे बड़ी बहन एवं पाटलिपुत्र से सांसद मीसा भारती भी बैठक में मौजूद थीं। बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी वर्तमान में बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं। शनिवार को वह पार्टी में अपना राजनीतिक कद बढ़ने को लेकर आश्वस्त दिखे थे, क्योंकि उन्होंने राजद कार्यालय में कार्यकर्ताओं से कहा था कि वह बूथ स्तर से पार्टी संरचना में बदलाव करने के बारे में सोच रहे हैं। तेजस्वी यादव और राज्यसभा सदस्य संजय यादव समेत उनके करीबी सहयोगियों को उनकी बड़ी बहन रोहिणी आचार्य ने विधानसभा चुनाव में हुई करारी हार के लिए सीधे तौर पर दोषी ठहराया था। रोहिणी ने यह भी आरोप लगाया था कि जब उन्होंने जवाबदेही तय करने पर जोर दिया, तो उन्हें गालियां दी गईं।
बड़े भाई तेज प्रताप यादव ने बनाया था अपना संगठन
यादव के बड़े भाई तेज प्रताप यादव को प्रसाद ने पिछले साल पार्टी से निष्कासित कर दिया था। इसके बाद तेज प्रताप ने अपना खुद का संगठन, जनशक्ति जनता दल बनाया है, जो अभी तक कोई खास प्रभाव नहीं छोड़ पाया है।
तेजस्वी यादव की बड़ी बहन ने यह कहा?
इस फैसले के बाद तेजस्वी यादव की बड़ी बहन रोहिणी आचार्य ने तंज कसते हुए एक्स पर पोस्ट किया है. तेजस्वी यादव की ताजपोशी पर उनकी बहन रोहणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर लिखा, “सियासत के शिखर-पुरुष की गौरवशाली पारी का एक तरह से पटाक्षेप, ठकुरसुहाती करने वालों और ‘गिरोह-ए-घुसपैठ’ को उनके हाथों की ‘कठपुतली बने शहजादा’ की ताजपोशी मुबारक.”
