


नई दिल्ली. केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने राजधानी दिल्ली में टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन के एरिया सेल्स मैनेजर बीनू विद्याधरन को गिरफ्तार किया है. उन पर दूरसंचार विभाग (डीओटी) के नियमों का उल्लंघन करते हुए लगभग 21 हजार सिम कार्ड फर्जी तरीके से जारी कराकर साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराने का आरोप है. दरअसल, इन सिम कार्डों का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर फिशिंग संदेश भेजने और साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क चलाने में किया गया है.
सीबीआई ने दिसंबर 2025 में एनसीआर और चंडीगढ़ से संचालित एक संगठित फिशिंग नेटवर्क का भंडाफोड़ किया था, जो साइबर अपराधियों को बल्क एसएमएस सेवाएं उपलब्ध कराता था. इस नेटवर्क के जरिए विदेशी अपराधी भी भारतीय नागरिकों को निशाना बना रहे थे. मामले में पहले ही तीन लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है.
जांच में सामने आया कि बीनू विद्याधरन ने फर्जी व्यक्तियों को लॉर्ड महावीर सर्विसेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के कर्मचारी के रूप में दिखाकर उनके दस्तावेज जमा किए और केवाईसी औपचारिकताएं पूरी कीं. यहां तक कि बेंगलुरु में रहने वाले एक परिवार के सदस्यों को भी कंपनी के कर्मचारी के रूप में दिखाया गया. आरोपित के पास से इन व्यक्तियों के आधार कार्ड की प्रतियां बरामद हुईं. एजेंसी ने बताया कि मामले की जांच जारी है.



