Jamshedpur. देश के सबसे बड़े औद्योगिक समूहों में शामिल टाटा ग्रुप में नेतृत्व और भविष्य की रणनीति को लेकर हलचल तेज हो गई है। टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन और टाटा ट्रस्ट्स के अध्यक्ष नोएल टाटा 7 नवंबर को होने वाली टाटा स्टील बोर्ड की बैठक में आमने-सामने होंगे। दोनों दिग्गजों की इस बैठक पर उद्योग जगत की नजरें टिकी हैं। कार्यकाल विस्तार और टाटा संस की संभावित शेयर बाजार लिस्टिंग को लेकर मतभेद की खबरों ने इस घटनाक्रम को और अहम बना दिया है।

कार्यकाल विस्तार और लिस्टिंग पर असहमति
विवाद की प्रमुख वजह टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के संभावित तीसरे कार्यकाल और कंपनी की शेयर बाजार में लिस्टिंग को लेकर सामने आ रही असहमति बताई जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, 17 सितंबर को हुई टाटा संस बोर्ड की बैठक में निदेशकों ने फरवरी 2027 के बाद चंद्रशेखरन का कार्यकाल बढ़ाने और लिस्टिंग प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के प्रस्तावों का समर्थन किया था। हालांकि, नोएल टाटा ने इन प्रस्तावों का विरोध किया। इससे टाटा समूह के भविष्य की रणनीति को लेकर दोनों पक्षों के बीच मतभेद की चर्चा तेज हो गई है।

टाटा ट्रस्ट्स ने लिस्टिंग पर उठाए सवाल
टाटा संस में टाटा ट्रस्ट्स की करीब 66 प्रतिशत हिस्सेदारी है। रिपोर्ट के मुताबिक, सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट ने महाराष्ट्र के चैरिटी कमिश्नर के समक्ष टाटा संस को गैर-सूचीबद्ध कंपनी बनाए रखने के पक्ष में अपना रुख रखा है। ट्रस्ट का तर्क है कि धर्मार्थ संस्थाओं के हितों और संपत्तियों की सुरक्षा के लिहाज से कंपनी का गैर-सूचीबद्ध रहना उचित है। शेयर बाजार में लिस्टिंग को लेकर यह बहस ऐसे समय में तेज हुई है, जब टाटा समूह की कॉरपोरेट संरचना और भविष्य की नीतियों पर महत्वपूर्ण फैसले लिए जाने की चर्चा है।
70 साल की उम्र में नोएल टाटा छोड़ सकते हैं पद
नोएल टाटा 12 नवंबर को 70 वर्ष के हो जाएंगे। टाटा समूह में गैर-कार्यकारी निदेशकों की सेवानिवृत्ति की निर्धारित आयु को देखते हुए उनके टाटा स्टील बोर्ड से हटने की अटकलें भी लगाई जा रही हैं। हालांकि, उनके पद छोड़ने को लेकर किसी अंतिम निर्णय की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

