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हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट पर होगी सख्ती, झारखंड के वाहनों का 1 अप्रैल से बिहार व अन्य प्रदेशों में प्रवेश होगा मुश्किल

रांची: झारखंड में रजिस्टर्ड वाहनों का 1 अप्रैल 2025 से बिहार व अन्य प्रदेशों में प्रवेश मुश्किल हो सकता है. वाहन मालिक जो बिहार और दूसरे पेदेश अपनी झारखंड रजिस्टर्ड गाडी लेकर जाते है, उन्हें भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है. ऐसे में अगर अन्य पड़ोसी प्रदेशों ने कड़ाई से नियाम पालन करना शुरू कर दिया तो बॉर्डर पार कर पाना झारखंड के वाहन मालिकों के लिए काफी मुश्किल हो जाएगा.
आपको बता दें कि यह मामला हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट का है.

अपने एक आदेश में केंद्र सरकार ने पांच साल पहले देश के सभी राज्यों के लिए हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) लगाना दिसंबर 2022 तक अनिवार्य कर दिया था. ऐसे में 2022 के बाद नए रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाए जाने समय ही हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाया जाता था. लेकिन दो से तीन वर्षों तक अप्रैल 2019 के पूर्व रजिस्टर्ड वाहनों में एचएसआरपी लगाने का मामला लटकता गया. लेकिन केंद्र सरकार के कड़े निर्देश के बाद महाराष्ट्र, राजस्थान और अब बिहार ने इसे अनिवार्य कर दिया है.

2019 से पूर्व के रजिस्टर्ड वाहनों में बिहार ने 31 मार्च तक एचअसआरपी लगाना अनिवार्य कर दिया है. इसके बाद कड़ी से फाइन वसूलने का का निर्देश जारी किया है. ऐसे में जब झारखंड में एचएसआरपी लगाए जाने के बारे में पूछा गया तो संयुक्त परिवहन आयुक्त प्रवीण प्रकाश ने कहा कि अभी यह मामला कोर्ट में है. इसे लार राज्य सरकार ने फैसला किया था. लेकिन उस फैसले पर हाईकोर्ट ने स्टे लगा दिया है. ऐसे में अब झारखंड में एचएसआरपी लगाने का काम कोर्ट का अंतिम फैसला आने पर ही आगे बढ़ेगा.

सरकार और कोर्ट के बीच फंसा एचएसआरपी का मामला

हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाने का मामला झारखंड में कोर्ट और सरकार के बीच उंझा हुआ है. झारखंड सरकार ने काफी जद्दोजहद के बाद साल 2024 के अक्टूबर महीने में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाने के लिए एजेंसी तय कर दी थी. ऐसे में वह तय राशि लेकर पुराने वाहनों में एचएसआरपी लगाने का काम कंपनी को दिया गया. इस बीच झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा किसी ने खटखटाया. ऐसे में राज्य सरकार के फैसले को झारखंड हाईकोर्ट ने अपने पहले ही सुनवाई में रोक लगा दी थी. अब इस मामले में मार्च के अंतिम हफ्ते में सुनवाई होने वाली है. ऐसे में हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद ही हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाने की प्रक्रिया झारखंड में आगे बढ़ेगी.

10,000 रुपए तक भरना पड़ सकता है जुर्माना

केंद्र सरकार के फैसले के तहत अगर वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट नहीं लगे है तो इसके लिए 2,500 रुपए से 10,000 रुपए तक जुर्माने का प्रावधान है. ऐ आंकड़े के मुताबिक़ झारखंड में साक 2001 तक 22240 वाहन रजिस्टर्ड थे. इससे पहले झारखंड में चलने वाले वाहन बिहार सरकार में निबंधित किए गए थे. झारखंड में साल 2002 तक लगभग 66.66 लाख वाहन रजिस्टर्ड किए गए. एक अनुमान के अनुसार साल 2019 के पहले झारखंड में करीब 40 लाख रजिस्टर्ड वाहन थे. इस सभी वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाया जाना है.

क्या है HSRP?
HSRP यानी हाई-सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट एक व्हीकल लाइसेंस प्लेट है. आपको बता दें कि इस प्लेट में एक चीप भी लगा रहता है. उसमे वाहन की सभी जानकारी के साथ वाहन मालिक के बारे में भी जानकारी रहती है. इसका डुप्लीकेट बनाना काफी मुश्किल है. एचएसआरपी प्लेट्स में एक यूनिक आईडेंटिफिकेशन नंबर, रजिस्ट्रेशन नंबर और होलोग्राम होता है. एल्युमिनियम जैसे टिकाऊ मटेरियल से यह HSRP प्लेट बनती है. इस प्लेट में हॉट-स्टैम्प्ड अल्फा-न्यूमेरिक कोड होता है. उसमे लगे चीप से जीपीएस सिस्टम से वाहन को ट्रैक भी किया जा सकता
है.

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