
जमशेदपुर |
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026-27 को भारतीय उद्योग जगत से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। इस कड़ी में एस. के. बेहरा, वाइस चेयरमैन RSB Global एवं पूर्व चेयरमैन CII Eastern Zone, ने बजट को दूरदर्शी और परिवर्तनकारी बताया है।
विनिर्माण को वैश्विक पहचान की दिशा
एस. के. बेहरा ने कहा कि बजट 2026-27 भारतीय विनिर्माण क्षेत्र को वैश्विक मंच पर नई ऊंचाई तक ले जाने का स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत करता है। एक उद्योग पेशेवर के रूप में उन्होंने कहा कि यह बजट राजकोषीय अनुशासन और बुनियादी ढांचे के विकास के बीच संतुलन बनाता है, जो दीर्घकालिक आर्थिक मजबूती के लिए आवश्यक है।
रिकॉर्ड पूंजीगत व्यय से ‘विकसित भारत’ को गति
उन्होंने बताया कि ₹12.2 लाख करोड़ का रिकॉर्ड पूंजीगत व्यय इस बात का संकेत है कि सरकार ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को लेकर पूरी प्रतिबद्धता से आगे बढ़ रही है। ऑटोमोटिव और इंजीनियरिंग सेक्टर के लिए यह बजट कनेक्टिविटी, आधुनिक तकनीक और तरलता—इन तीनों स्तंभों को मजबूत करता है।
खनिज, ईवी और लागत में कमी
बजट की प्रमुख विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए बेहरा ने कहा कि लिथियम, कोबाल्ट और तांबे जैसे 25 महत्वपूर्ण खनिजों पर सीमा शुल्क समाप्त करना एक मास्टरस्ट्रोक है। इससे ईवी बैटरी और हाई-टेक कलपुर्जों की उत्पादन लागत घटेगी और भारत को वैश्विक सप्लाई चेन में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी।
‘पूर्वोदय’ से पूर्वी भारत को नई पहचान
उन्होंने ‘पूर्वोदय’ पहल की सराहना करते हुए कहा कि ईस्ट कोस्ट इंडस्ट्रियल कॉरिडोर तथा झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के खनिज संपन्न क्षेत्रों में नए औद्योगिक पार्कों का विकास पूर्वी भारत की सुप्त औद्योगिक क्षमता को जागृत करेगा। इससे क्षेत्रीय रोजगार और निवेश को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।
MSME और लॉजिस्टिक्स को संजीवनी
₹10,000 करोड़ के SME ग्रोथ फंड को MSME सेक्टर के लिए संजीवनी बताते हुए बेहरा ने कहा कि इससे सप्लाई चेन पार्टनर्स वैश्विक मानकों के अनुरूप तकनीकी उन्नयन कर सकेंगे। वहीं दानकुनी से सूरत तक प्रस्तावित डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से लॉजिस्टिक्स लागत और समय दोनों में उल्लेखनीय कमी आएगी।
हरित गतिशीलता की ओर भारत
कंप्रेस्ड बायो-गैस (CBG) के अनिवार्य मिश्रण और ग्रीन हाइड्रोजन पर जोर को उन्होंने ऑटोमोटिव सेक्टर के लिए हरित भविष्य की दिशा में निर्णायक कदम बताया।
उद्योग के लिए सुधार-केंद्रित बजट
अंत में एस. के. बेहरा ने कहा कि बजट 2026-27 एक सुधार-केंद्रित दस्तावेज है, जो पूर्वी भारत को औद्योगिक प्रगति का नेतृत्व करने और ऑटोमोटिव क्षेत्र को ग्रीन ट्रांजिशन के लिए तैयार करता है। RSB ग्लोबल इस बजट का पूर्ण समर्थन करता है।
