


New Delhi. वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने कहा कि लाभांश देना उनकी प्राथमिकता में शामिल है और प्रस्तावित विभाजन के बाद भी समूह की कंपनियां नियमित रूप से शेयरधारकों को लाभांश देती रहेंगी. अग्रवाल ने बताया कि समूह अपने विभिन्न कारोबारों में 20 अरब डॉलर के विस्तार कार्यक्रम को जारी रखेगा. धातु से तेल तक के कारोबार वाले वेदांता लिमिटेड का विभाजन प्रत्येक कारोबार को स्वतंत्र पहचान देने, मूल्य उजागर करने और पूंजी निवेश की प्रक्रिया को प्रभावित किए बिना नकद लाभांश जारी रखने के लिए किया जा रहा है.
राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने मंगलवार को वेदांता को पांच अलग सूचीबद्ध कंपनियों में विभाजित करने की योजना को मंजूरी दी. विभाजन के बाद आधार धातु का कारोबार वेदांता लिमिटेड में रहेगा, जबकि वेदांता एल्युमिनियम, तलवंडी साबो पावर, वेदांता इस्पात एवं लौह और माल्को एनर्जी (तेल एवं गैस) अन्य चार सूचीबद्ध कंपनियां होंगी.
अग्रवाल ने कहा, लाभांश देना मेरे विचार का हिस्सा है। चाहे कोई भी परिस्थिति हो, हमारी कंपनियां नियमित लाभांश जारी करती रहेंगी.उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक प्रति शेयर सात रुपये का पहला अंतरिम लाभांश और 16 रुपये का दूसरा अंतरिम लाभांश घोषित किया गया है. वित्त वर्ष 2023-24 में कुल 29.50 रुपये प्रति शेयर और 2024-25 में लगभग 46 रुपये प्रति शेयर लाभांश वितरित किया. अग्रवाल ने बताया कि विभाजन मार्च 2026 तक पूरा होने की योजना है.



