


New Delhi : भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का इस्तीफा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है. धनखड़ ने सोमवार को राष्ट्रपति को पत्र लिखकर स्वास्थ्य कारणों से उपराष्ट्रपति पद छोड़ने की बात कही थी. मंगलवार को गृह मंत्रालय की अधिसूचना के जरिए राज्यसभा को उनके इस्तीफे की जानकारी दी गई.
PM नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया हैंडल X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर धनखड़ के अच्छे स्वास्थ्य की कामना की. उन्होंने लिखा, “जगदीप धनखड़ ने उपराष्ट्रपति सहित कई भूमिकाओं में देश की सेवा की. मैं उनके उत्तम स्वास्थ्य की कामना करता हूं.”
सोमवार को राज्यसभा में रहे सक्रिय
सोमवार को धनखड़ पूरे दिन राज्यसभा में सक्रिय रहे. सुबह उन्होंने विपक्ष को संसद को सकारात्मक मंच बनाने की सलाह दी. दोपहर में उन्होंने जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव के नोटिस को स्वीकार किया और जस्टिस शेखर यादव के खिलाफ महाभियोग नोटिस में दोहरे दस्तखत के मामले में जांच की घोषणा की.
राष्ट्रपति, PM और सांसदों का जताया आभार
धनखड़ ने अपने इस्तीफे में लिखा, “चिकित्सकों की सलाह और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए मैं उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे रहा हूं.” 74 वर्षीय धनखड़ ने अगस्त 2022 में उपराष्ट्रपति का पद संभाला था. इससे पहले वह पश्चिम बंगाल के राज्यपाल थे. उन्होंने राष्ट्रपति, PM नरेंद्र मोदी, मंत्रिमंडल और सभी सांसदों का आभार जताया. धनखड़ ने कहा, “राष्ट्रपति से मिला सहयोग और प्रधानमंत्री से मिला समर्थन मेरे लिए अमूल्य था. संसद के सभी सदस्यों की गर्मजोशी और स्नेह को मैं हमेशा याद रखूंगा.”
न्यायपालिका और किसानों के मुद्दों पर रहे मुखर
न्यायपालिका में शुचिता और किसानों के मुद्दों पर हमेशा मुखर रहने वाले धनखड़ ने कहा, “उपराष्ट्रपति के रूप में मिले अनुभव अनमोल हैं. भारत की प्रगति और आर्थिक विकास का हिस्सा बनना मेरे लिए गर्व की बात है. मैं भारत के उज्ज्वल भविष्य को लेकर आशान्वित हूं.”



