


West Bengal: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने आज कई सारे मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा. CM ममता ने दवाओं की कीमत में बढ़तरी का विरोध करते हुए राज्यव्यापी प्रदर्शन का ऐलान किया है. उन्होने कहा कि TMC 4-5 अप्रैल को पूरे राज्य में दवाओं की कीमतों में बढ़ोतरी के केंद्र सरकार के फैसले का विरोध करेगी.
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को दवाओं की कीमतों में बढ़तरी के खिलाफ प्रदर्शन की घोषणा की. सीएम ने कहा कि कहा कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) 4-5 अप्रैल को पूरे राज्य में दवाओं की कीमतों में बढ़ोतरी के केंद्र सरकार के फैसले का विरोध करेगी. उन्होंने इस बढ़ोतरी को लेकर अपनी चिंता जताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की.
सीएम ममता ने कहा, “दवाओं की कीमतों में बढ़ोतरी का फैसला मुझे हैरान कर दिया है. किसी भी हालत में इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता. मैं केंद्र सरकार से मांग करती हूं कि वे दवाओं की कीमतों में बढ़ोतरी का फैसला तुरंत वापस लें. सीएम ममता ने आगे बताया कि उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस राज्य के हर ब्लॉक और वार्ड में विरोध प्रदर्शन करेगी, ताकि इस बढ़ोतरी के खिलाफ अपनी आवाज उठाई जा सके.
सीएम ने कहा कि राज्य सरकार ने गरीबों को मुफ्त इलाज और सस्ती जेनेरिक दवाइयां मुहैया कराई हैं, लेकिन केंद्र सरकार ने गरीबों के लिए सभी योजनाएं बंद कर दी हैं. उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भी लिखा है, लेकिन केंद्र सरकार सिर्फ लोगों के बीच फूट डालने और दंगे भड़काने की राजनीति कर रही है.
इसके अलावा ममता ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने 1 अप्रैल से कई दवाओं की कीमतों में वृद्धि की है. यह दवाएं गरीबों के लिए बहुत जरूरी हैं, खासकर उन लोगों के लिए जो विदेश में इलाज कराने की स्थिति में नहीं हैं.
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रामनवमी पर भी अपना बयान दिया. सीएम ने लोगों से इस अवसर पर शांति बनाए रखने की अपील की. उन्होंने कहा कि जो लोग रामनवमी पर यात्रा निकाल रहे हैं, हम चाहते हैं कि वह पूरी तरह से शांतिपूर्ण हो. हर कोई अपनी पूजा को अच्छे से करेगा, लेकिन किसी को भी ऐसी स्थिति नहीं बनने देनी चाहिए, जिससे दंगे या विवाद की स्थिति पैदा हो.
मुख्यमंत्री ने सभी समुदायों और लोगों से अपील की कि वे एक-दूसरे के त्योहारों और कार्यक्रमों को बाधित न करें. उन्होंने कहा कि हम रामकृष्ण और स्वामी विवेकानंद का अनुसरण करेंगे, न कि किसी “जुमला पार्टी” का. उन्होंने कहा कि यह जरूरी है कि हर समुदाय अपनी धार्मिक भावना के साथ त्योहार मनाए, लेकिन किसी भी हाल में शांति और सद्भाव बनाए रखा जाए.



